छपरा

मढ़ौरा की पहचान वापस दिलाने को उठी हुंकार, चीनी मिल के लिए तेज होगा जनआंदोलन

मुख्यमंत्री के नाम एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

छपरा। कभी क्षेत्र की औद्योगिक पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार रही मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल को मढ़ौरा में ही पुनर्जीवित कर दोबारा चालू कराने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेने लगी है। इस मुद्दे को लेकर आयोजित एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरने में आंदोलन को और व्यापक तथा मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। धरने में शामिल लोगों ने स्पष्ट कहा कि मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल को किसी दूसरे स्थान पर स्थापित करने के बजाय मढ़ौरा में ही पुनर्जीवित किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा समाजसेवी नीरज कुमार ने की। संचालन विष्णु गुप्ता ने किया, जबकि कार्यक्रम में वीर आदित्य ने सूत्रधार और दिलीप साह ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि मढ़ौरा की चीनी मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की पहचान, किसानों की आय, मजदूरों के रोजगार और हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ी रही है। वर्ष 1904 में स्थापित यह चीनी मिल लंबे समय तक मढ़ौरा और आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही। मिल बंद होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा।

मिल बंद होने से कमजोर हुई क्षेत्र की अर्थव्यवस्था

धरने में वक्ताओं ने कहा कि चीनी मिल के बंद होने के बाद केवल मिल में काम करने वाले मजदूर ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि इसका असर किसानों, व्यापारियों और स्थानीय बाजार पर भी पड़ा। गन्ना उत्पादन से जुड़े किसानों के सामने बाजार और आय का संकट पैदा हुआ, वहीं मिल से जुड़े प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी कम होते गए।

लोगों का कहना था कि मढ़ौरा की चीनी मिल का दोबारा संचालन क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति दे सकता है। इससे गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

हजारों लोगों को मिल सकता है प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार

धरने में वक्ताओं ने कहा कि आज बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार की जरूरत पहले से कहीं अधिक है। ऐसे में मढ़ौरा की चीनी मिल को पुनर्जीवित करना क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।उनका कहना था कि मिल चालू होने पर किसानों को गन्ने का सुनिश्चित बाजार मिल सकता है। वहीं मिल के संचालन से स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना बनेगी। इसके अलावा परिवहन, व्यापार, होटल, कृषि उपकरण, मरम्मत और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

मढ़ौरा में पहले से मौजूद हैं जरूरी आधारभूत सुविधाएं

बैठक में यह भी कहा गया कि मढ़ौरा में औद्योगिक इकाई के संचालन के लिए आवश्यक कई बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। क्षेत्र में रेल और सड़क संपर्क, बिजली, नहर एवं सिंचाई की व्यवस्था, स्थानीय बाजार और पर्याप्त कृषि क्षेत्र मौजूद हैं।

वक्ताओं ने कहा कि इन सुविधाओं को देखते हुए मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल को पुनर्जीवित करने के लिए मढ़ौरा एक व्यावहारिक स्थान है। उन्होंने सरकार से उपलब्ध भूमि, परिसंपत्तियों और मौजूदा आधारभूत संरचना का तकनीकी और कानूनी सर्वे कराकर विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने की मांग की।

तरैया में नई मिल की चर्चा पर जताई चिंता

धरने में वक्ताओं ने हाल के दिनों में मढ़ौरा की चीनी मिल के स्थान पर तरैया में नई चीनी मिल स्थापित किए जाने की चर्चा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तरैया या किसी अन्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास का विरोध नहीं है, लेकिन मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल की कीमत पर किसी दूसरे स्थान पर नई मिल स्थापित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। धरने में मौजूद लोगों ने कहा कि हर क्षेत्र के विकास का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन मढ़ौरा की औद्योगिक विरासत और वहां मौजूद संसाधनों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

“मढ़ौरा की चीनी मिल मढ़ौरा में ही चालू करो”

धरने में “मढ़ौरा की चीनी मिल मढ़ौरा में ही चालू करो” का नारा बुलंद किया गया। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि मिल को मढ़ौरा में ही स्थापित करने और चालू करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।  यह भी मांग की गई कि प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना को आधुनिक स्वरूप दिया जाए। चीनी मिल के साथ एथेनॉल उत्पादन, को-जनरेशन पावर प्लांट और अन्य सह-उत्पाद आधारित उद्योगों के विकास की भी मांग रखी गई, ताकि मढ़ौरा को दोबारा एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग

धरने में स्थानीय युवाओं को प्रस्तावित परियोजना में रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई। साथ ही किसानों, मजदूरों और युवाओं को साथ लेकर एक सहयोग समिति गठित करने की मांग की गई, ताकि स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा तय की जा सके।

यह राजनीति नहीं, मढ़ौरा के भविष्य का सवाल: नीरज कुमार

युवा समाजसेवी नीरज कुमार ने कहा कि मढ़ौरा की चीनी मिल का मुद्दा किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। यह क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, युवाओं, व्यापारियों और आम जनता के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि वर्षों से चीनी मिल को चालू कराने को लेकर आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब क्षेत्र की जनता केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई चाहती है।

नीरज कुमार ने कहा कि मढ़ौरा की पहचान और भविष्य से जुड़ी इस लड़ाई को जनभागीदारी के माध्यम से निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कार्यक्रम के बाद आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मढ़ौरा अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल को मढ़ौरा में ही पुनर्जीवित कर चालू कराने के लिए आवश्यक तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। धरने में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि मढ़ौरा की चीनी मिल को मढ़ौरा में ही चालू कराने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम में अभिषेक राय, आईआईटीयन अश्वनी कुमार, युवराज भास्कर, आलोक कुमार, छठीलाल, जयराम महतो, सागर महतो, पंकज यादव, मोहित सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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