सारण में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से पहले निपटेंगे जमीन विवाद, DM-SSP ने बनाई नई रणनीति
60% शिकायतें जमीन विवाद की, अब हर संवेदनशील मामले पर होगी कड़ी निगरानी

छपरा। सारण जिले में भूमि विवादों से उत्पन्न होने वाली हिंसा और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि भूमि विवादों को केवल राजस्व या आपसी विवाद मानकर लंबित न रखा जाए, बल्कि ऐसे मामलों की समय रहते पहचान कर त्वरित समाधान और निवारक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि छोटे भूमि विवाद आगे चलकर मारपीट, सामुदायिक तनाव और गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या का रूप ले सकते हैं, इसलिए संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करना जरूरी है।
शनिवार को जिला पदाधिकारी, सारण वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में विधि-व्यवस्था से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यालय स्थित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी हाइब्रिड मोड के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
मारपीट और सामुदायिक तनाव वाले भूमि विवादों की होगी विशेष निगरानी
बैठक में मुख्य रूप से भूमि विवाद से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रशासन ने विशेष रूप से उन मामलों को चिन्हित करने पर जोर दिया, जिनमें पूर्व में मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं, भविष्य में हिंसा की आशंका है अथवा जो सामाजिक और सामुदायिक दृष्टि से संवेदनशील हैं।
जातीय या समूह आधारित तनाव की संभावना वाले भूमि विवादों तथा कब्रिस्तान से जुड़े विवादों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दोनों पक्षों से संवाद कर निकाला जाएगा समाधान
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील भूमि विवादों में दोनों पक्षों तथा संबंधित समुदायों के लोगों से संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विवादों की सुनवाई विधि के संगत प्रावधानों के तहत की जाए और नियमानुसार निर्णय लेते हुए ऐसा समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे मामला आगे चलकर कानून-व्यवस्था की चुनौती न बने।
थाना स्तर पर बनेगी भूमि विवादों की सूची
जिले के सभी अनुमंडलों में थाना-वार भूमि विवादों का दस्तावेजीकरण और सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को संवेदनशील एवं विवाद की संभावना वाले मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा समय रहते निवारक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि उनके जनता दरबार में आने वाले मामलों में लगभग 60 प्रतिशत मामले भूमि विवादों से संबंधित होते हैं। इसे देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को भूमि विवादों के समयबद्ध और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि यदि छोटे विवादों को समय रहते नहीं सुलझाया गया तो वे आगे चलकर गंभीर हिंसा और कानून-व्यवस्था की समस्या में बदल सकते हैं।
फर्जी रजिस्ट्री के मामलों में होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित मामलों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि फर्जी रजिस्ट्री की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
उन्होंने कहा कि जांच और सत्यापन के दौरान यदि फर्जी रजिस्ट्री का मामला सही पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने भी सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को फर्जी रजिस्ट्री से जुड़े मामलों में लगातार और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
धारा 126 के मामलों में सिर्फ औपचारिकता नहीं, होगी टार्गेटेड कार्रवाई
बैठक में धारा 126 के अंतर्गत चल रहे मामलों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों में कार्रवाई केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने प्रत्येक मामले में टार्गेटेड और परिणामोन्मुख कार्रवाई करने पर जोर दिया। जिन व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें नियमानुसार बुलाकर सुनवाई करने का निर्देश दिया गया।
आवश्यकता के अनुसार संबंधित व्यक्तियों की चल एवं अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर उसका रिकॉर्ड तैयार करने और नियमानुसार अभिलेख में संधारित करने को कहा गया। गंभीर मामलों को सक्षम स्तर पर नियमानुसार प्रस्तुत करने तथा जहां गिरफ्तारी आवश्यक हो, वहां विधि-सम्मत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
हर मामले को ‘लॉजिकल एंड’ तक पहुंचाने पर जोर
जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि किसी भी विवाद को गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने से पहले चिन्हित कर आवश्यक निवारक कार्रवाई की जाए।
बैठक में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और प्रत्येक मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष यानी ‘लॉजिकल एंड’ तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भूमि विवादों, फर्जी रजिस्ट्री और अन्य संवेदनशील मामलों में देरी या लापरवाही की स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए सभी संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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