Railway Updateछपरा

New Railway Line Project: छपरा–गोरखपुर रेलखंड पर तीसरी-चौथी रेललाइन निर्माण को मिली मंजूरी

मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक, अब आउटर पर नहीं रुकेंगी ट्रेनें

छपरा। पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा–गोरखपुर रेलखंड पर रेल यातायात को और अधिक सुदृढ़ व सुचारू बनाने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया गया है। कोपा सम्होता से भटनी (बिहार) के बीच लगभग 104 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेललाइन (New Railway Line Project) के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ यात्री ट्रेनों की गति बढ़ेगी, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

अब डीपीआर तैयार करने प्रकिया जारी

रेलवे सूत्रों के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर द्वारा इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में गोरखपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) ने देवरिया, सिवान और छपरा के जिला प्रशासन से संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और अद्यतन नक्शों की मांग की है। यह जानकारी रेलवे भूमि और मौजों की सीमा के स्पष्ट निर्धारण के लिए आवश्यक है, ताकि भटनी–सिवान मार्ग होते हुए कोपा सम्होता तक तीसरी व चौथी रेललाइन बिछाने का कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जा सके।

अब सिग्नल के अभाव में आउटर पर नहीं रुकेंगी ट्रेनें

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नई रेललाइन के निर्माण से ट्रेनों को सिग्नल के अभाव में आउटर पर खड़ा रखने की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। इससे परिचालन व्यवस्था अधिक सुचारू होगी और ट्रेनों के समय पालन में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। यात्रियों को बार-बार होने वाली देरी से राहत मिलेगी।

मालगाड़ियों के लिए होगा अलग ट्रैक

फिलहाल भटनी से कोपा सम्होता के बीच दोहरी रेललाइन मौजूद है, लेकिन यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और ट्रेनों के दबाव के कारण यह रेलखंड अत्यधिक व्यस्त हो चुका है। ऐसे में तीसरी और चौथी रेललाइन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित तीसरा ट्रैक मुख्य रूप से मालगाड़ियों के लिए उपयोग में लाया जाएगा, जिससे यात्री ट्रेनों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। मालगाड़ियां बिना किसी रुकावट के तेज गति से आवाजाही कर सकेंगी, जिससे माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी।

यात्रियों और व्यापार दोनों को होगा लाभ

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी और उत्तर प्रदेश तथा बिहार के बीच रेल संपर्क और भी मजबूत होगा। साथ ही, बेहतर माल परिवहन से क्षेत्रीय व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। रेलवे के इस कदम को पूर्वांचल और बिहार क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

advertisement

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button