
छपरा। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए आधुनिक ऑपरेशन थिएटर स्थापित करने की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए इसे जल्द से जल्द क्रियाशील करने का निर्देश दिया, ताकि जिले के मरीजों को बेहतर नेत्र उपचार की सुविधा मिल सके।
एम्बुलेंस की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया
बैठक में एम्बुलेंस सेवा की निगरानी को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर एम्बुलेंस की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जो अब पूरी तरह क्रियाशील है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसके माध्यम से एम्बुलेंस की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और अवैध रूप से संचालित एम्बुलेंस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही खराब पड़ी एम्बुलेंस और शव वाहनों की तत्काल मरम्मत कराने या नियमों के अनुसार स्क्रैप नीलामी की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।
सदर अस्पताल में फिलहाल दो शव वाहन उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर निजी वाहनों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन उसका भुगतान रोगी कल्याण समिति के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
अस्पतालों में औसतन 90 प्रतिशत से अधिक दवाएं उपलब्ध
बैठक में बताया गया कि जिले के अस्पतालों में औसतन 90 प्रतिशत से अधिक दवाएं उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि आवश्यक दवाओं की अधियाचना समय पर भेजी जाए, ताकि अस्पतालों में दवाओं की लगातार उपलब्धता बनी रहे और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
चिकित्सीय प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने पर जोर
चिकित्सीय प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इंजुरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट केवल ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से ही बनाई जाए।
ऑफलाइन इंजुरी रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया। वर्तमान में जिले में लगभग 66 प्रतिशत इंजुरी रिपोर्ट ऑनलाइन बनाई जा रही हैं, जबकि सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल सोनपुर, मकेर और मांझी में यह व्यवस्था शत-प्रतिशत लागू है।
जिलाधिकारी ने भव्या पोर्टल के माध्यम से सभी चिकित्सीय जांच और प्रिस्क्रिप्शन जारी करने का भी निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि जिले के 14 अस्पतालों में भव्या पोर्टल के माध्यम से 100 प्रतिशत एंट्री की जा रही है, जबकि शेष 6 अस्पतालों को भी जल्द ही शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ओपीडी सेवाओं की समीक्षा
ओपीडी सेवाओं की समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रति मरीज औसत प्रतीक्षा समय लगभग 30 मिनट है। जिलाधिकारी ने इसमें सुधार लाने के लिए डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर को संशोधित कर युक्तिसंगत बनाने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी समय पर्याप्त संख्या में डॉक्टर उपलब्ध रह सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समय का पालन नहीं करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अस्पतालों में, एपीएचसी सहित, शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि लगभग 73 प्रतिशत आशा कार्यकर्ता एम-आशा ऐप पर लाइन लिस्टिंग कर रही हैं। जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा फरवरी माह में ओपीडी में 50 से कम मरीज देखने वाले चिकित्सकों को बैठक में बुलाकर कारण पूछा गया और उन्हें कार्य में सुधार लाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित डॉक्टरों की सूची तैयार कर विभाग को कार्रवाई के लिए भेजने का भी निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रूटीन टीकाकरण के तहत जिले में औसत उपलब्धि लगभग 90 प्रतिशत पाई गई।
उन्होंने सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं के बेहतर समन्वय से लक्षित आयु वर्ग के बच्चों की ड्यू लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि टीकाकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जा सके।
डॉक्टरों की रैंकिंग भी की गई जारी
बैठक में जिले के सभी सरकारी चिकित्सकों की विभिन्न सेवा मानकों पर की गई रैंकिंग भी प्रस्तुत की गई। इसमें डॉ. आयुषी सिंह, डॉ. सीमा कुमारी, डॉ. उमेश रजक और डॉ. सरिता सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वाले डॉक्टरों में शामिल किया गया। जिलाधिकारी ने बेहतर कार्य करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित करने की घोषणा की।
जनवरी माह की जिला स्तरीय रैंकिंग में नगरा प्रखंड को प्रथम, एकमा को द्वितीय और तरैया को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, सभी जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी, सभी एमओआईसी, सभी बीएचएम, बीसीएम तथा पार्टनर एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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