Railway News: भारतीय रेल की एकमात्र ट्रेन, जिसमें मुफ्त में मिलता है नाश्ता और भोजन
33 घंटे का सफर, 39 स्टेशनों का पड़ाव

रेलवे डेस्क। भारतीय रेल का सफर अपने आप में एक अनुभव होता है, लेकिन अगर कोई ट्रेन आपको मंज़िल के साथ भोजन भी मुफ्त में दे—तो यकीनन वो कुछ खास होगी। ऐसी ही खास ट्रेन है अमृतसर से नांदेड़ के बीच चलने वाली Sachkhand Express (सचखंड एक्सप्रेस), जो न सिर्फ यात्रियों को 2081 किलोमीटर दूर ले जाती है, बल्कि पूरे सफर के दौरान मुफ्त में लंगर का भोजन भी कराती है।
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मुफ्त लंगर की सेवा — हर यात्री के लिए
इस ट्रेन की सबसे खास बात है कि इसमें किसी कोच का भेदभाव नहीं होता। चाहे आप जनरल बोगी में हों या एसी डिब्बे में, हर यात्री को लंगर का खाना एक समान दिया जाता है। नई दिल्ली, डबरा, भोपाल, परभनी, जालना और औरंगाबाद जैसे 6 प्रमुख स्टेशनों पर लंगर की व्यवस्था की जाती है।
नई दिल्ली और डबरा स्टेशन पर यह सेवा दोनों दिशाओं में उपलब्ध रहती है। यात्री अपने-अपने बर्तन लेकर भोजन लेने आते हैं और बड़ी श्रद्धा से कढ़ी-चावल, खिचड़ी, दाल, मौसमी सब्ज़ियां और छोले जैसे व्यंजन ग्रहण करते हैं।
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33 घंटे का सफर, 39 स्टेशनों का पड़ाव
Sachkhand Express अमृतसर से नांदेड़ तक करीब 33 घंटे का लंबा सफर तय करती है और रास्ते में 39 स्टेशनों पर रुकती है। यह ट्रेन एक धार्मिक आस्था और सेवा की भावना का प्रतीक बन चुकी है।
सेवा में गुरुद्वारों और दानदाताओं की भूमिका
इस ट्रेन में मिलने वाला लंगर खाना गुरुद्वारों और सिख संगत द्वारा संचालित होता है। इसके लिए कोई सरकारी फंड नहीं, बल्कि दानदाताओं से प्राप्त राशि से भोजन बनाया और वितरित किया जाता है। इस सेवा का उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि “सेवा को धर्म मानकर” निभाना है।
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इतिहास भी है खास
- 1995 में शुरू हुई यह ट्रेन पहले सप्ताह में सिर्फ एक दिन चलती थी।
- यात्रियों की बढ़ती मांग के चलते 1997-98 में सप्ताह में 5 दिन कर दी गई।
- और 2007 से यह ट्रेन अब हफ्ते के 7 दिन नियमित रूप से चल रही है।
ट्रेन में IRCTC सेवा भी उपलब्ध
हालांकि आप चाहें तो IRCTC की वेबसाइट या ऐप के जरिए खाना ऑर्डर भी कर सकते हैं, लेकिन इस ट्रेन में बिना ऑर्डर, बिना भुगतान के मिलने वाला लंगर, भारतीय रेलवे की आध्यात्मिक और मानवीय सेवा भावना को दर्शाता है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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