
पटना/किशनगंज: बिहार पुलिस महकमे को हिला देने वाले किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार की कथित अवैध संपत्ति मामले में रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब उनके घर में काम करने वाली महिला पारो के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में सामने आए इस तथ्य ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, धरमगंज के किला बागान की रहने वाली पारो की जीवनशैली एक सामान्य घरेलू सहायिका जैसी नहीं थी। वह करीब 35 लाख रुपये की लग्जरी थार गाड़ी से काम पर आती-जाती थी। कई बार उसके लिए सरकारी और निजी वाहनों का भी उपयोग किया जाता था, जो संदेह को और गहरा करता है।
पश्चिम बंगाल में आलीशान मकान
जांच में यह भी सामने आया है कि पारो ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार इलाके में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान मकान बनवाया है। इसके अलावा उसे DSP गौतम कुमार की ओर से एक बुलेट बाइक उपहार में दिए जाने की भी जानकारी मिली है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय है नौकरानी
पारो सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रही है। उसकी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह महंगे वाहनों और नकदी के साथ नजर आ रही है। एक वीडियो में उसके हाथ में करीब डेढ़ लाख रुपये नकद दिखाई दे रहे हैं। कुछ तस्वीरों में वह DSP और उनके करीबी लोगों के साथ भी देखी गई है।
EOU की छापेमारी के बाद पारो अपने परिवार सहित फरार बताई जा रही है। उसके अचानक गायब होने से मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
80 करोड़ की संपत्ति अर्जित
उधर, DSP गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने 32 वर्षों की सेवा अवधि में लगभग 80 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है। उनके महंगे शौक लग्जरी रिसॉर्ट में ठहरना, पारिवारिक यात्राएं और आलीशान जीवनशैली पहले से ही चर्चा में थे।
पूर्णिया में उनके कथित आवास की कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि उसके इंटीरियर और साज-सज्जा पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका होने के बावजूद लग्जरी वाहनों का उपयोग करती रही हैं।
बीते 31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई ने पूर्णिया, किशनगंज, पटना, अररिया और सिलीगुड़ी सहित आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान 36 जमीन से जुड़े दस्तावेज, LIC निवेश से संबंधित कागजात, नोएडा और गुरुग्राम में निवेश के प्रमाण बरामद किए गए। साथ ही लगभग 60 लाख रुपये के आभूषण, महंगी घड़ियां और क्रेटा व थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गईं।
गौतम कुमार को किया गया पुलिस मुख्यालय में क्लोज
EOU की कार्रवाई के बाद गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय में क्लोज कर दिया गया है। DGP विनय कुमार ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है। गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के निवासी हैं और 1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर रहे हैं। फिलहाल उन्हें पद से हटाकर मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है, जबकि उनकी जगह SDPO-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। इस पूरे प्रकरण ने बिहार पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 26, 2026करियर – शिक्षाJob Alert: छपरा में नौकरी का मौका, 20 शिक्षकों की होगी भर्ती, 14,500 रुपये वेतन के साथ रूम रेंट और बोनस भी
- August 26, 2026क्राइमBihar Crime News: बिहार में 3 अपराधियों को मिली फांसी की सजा, 124 को अभियुक्तों को उम्रकैद
- August 26, 2026छपराChhapra Crime News: सरयू नदी किनारे मिला 40 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव, पहचान में जुटी पुलिस
- August 26, 2026क्राइमChhapra Court News: एक दशक पुराने हत्याकांड के अभियुक्त को कोर्ट से मिली उम्रकैद की सजा



