
छपरा। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति युवाओं और विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से सारण पुलिस ने सोमवार को जिलेभर के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर संचालित “साइबर मंगलवार” अभियान के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से कहा कि थोड़ी-सी सतर्कता उन्हें लाखों रुपये की साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों का शिकार बनने से बचा सकती है।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सारण के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का संचालन विभिन्न अनुमंडलों में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) के नेतृत्व में किया गया। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के स्कूलों एवं कॉलेजों में पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी दी और उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों से कराया अवगत
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि आजकल साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, बैंक अधिकारी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते हैं और उनसे पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इसके अलावा फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, पार्सल डिलीवरी, नौकरी, लॉटरी और निवेश के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक विवरण साझा न करने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, बैंक खाता विवरण या पासवर्ड साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर बैंक खाते खाली कर सकते हैं।
मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने पर जोर
विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के लिए मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड रखने, समय-समय पर पासवर्ड बदलने तथा सभी महत्वपूर्ण डिजिटल खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्रिय करने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अतिरिक्त सुरक्षा परत साइबर अपराधियों के लिए खातों तक पहुंचना काफी कठिन बना देती है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग में बरतें सतर्कता
अभियान के दौरान छात्राओं एवं महिलाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो, वीडियो एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि निजी जानकारी का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी ब्लैकमेलिंग, फर्जी प्रोफाइल और साइबर बुलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को विदेशी एवं संदिग्ध ऑनलाइन गेमिंग एप्लीकेशन से जुड़े साइबर जोखिमों के बारे में भी जानकारी दी गई और ऐसे प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो समय गंवाए बिना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है और पुलिस तत्काल कार्रवाई कर सकती है।
नशामुक्त समाज का भी दिया संदेश
साइबर जागरूकता अभियान के दौरान युवाओं को ब्राउन शुगर सहित अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
अभियान के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। यदि प्रत्येक नागरिक डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दे, तो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। सारण पुलिस ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान लगातार चलाने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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