बिहार के सभी थानों में बनेगा चाइल्ड हेल्प डेस्क, DSP करेंगे निगरानी
बालिकाओं से संवाद के लिए महिला पुलिसकर्मी की तैनाती
पटना। बिहार के बच्चों के प्रति हो रहे सभी तरह के अपराध पर नकेल कसने को लेकर प्रदेश की सम्राट चौधरी सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कवायद के तहत सूबे के सभी 1377 थानों और ओपी (ऑउट पोस्ट) में बाल सहायता डेस्क (चाइल्ड हेल्प डेस्क या कॉर्नर) बनाने का निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को इससे संबंधित निर्देश जारी कर दिया है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर राज्य के प्रत्येक थाने में यह चाइल्ड हेल्प डेस्क या चाइल्ड कॉर्नर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अनुपालन की रिपोर्ट सभी संबंधित जिलों को 5 अक्टूबर तक अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के अंतर्गत कमजोर वर्ग को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
यह है इसका उदेश्य
बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध पर नकेल कसने के साथ ही उनके साथ हो रही किसी तरह की समस्या को लेकर थाना में खुलकर बात रखने के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराना इसका मकसद है। बच्चों को उनसे जुड़े कानून या पॉक्सो कानून के प्रावधानों की जानकारी भी इस डेस्क के जरिए दी जाएगी। इसके अलावा बच्चों को सुरक्षित एवं बाल-मित्र वातावरण उपलब्ध कराने के उदेश्य से प्रत्येक थाना में इसका गठन किया जा रहा है। यह पहल बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 8(5) एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।
प्रत्येक थाना में इसका संचालन करेंगे सीडब्ल्यूपीओ
प्रत्येक थाना परिसर में चाइल्ड हेल्प डेस्क या कॉर्नर को ऐसे स्थान पर स्थापित किया जाएगा, जो बाहर से आने वाले को एकदम स्पष्ट रूप से दिखे। इसे लॉकअपर से पूरी तरह से अलग रखा जाएगा। इस स्थान को बच्चों के अनुकूल तैयार किया जाएगा, जो थाने से अलग दिखे। इसका संचालन थाना में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (सीडब्ल्यूपीओ) के नेतृत्व में होगा। प्रत्येक केंद्र पर सीडब्ल्यूपीओ का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर के साथ ही संबंधित जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा रहेगा।
बालिकाओं से संवाद के लिए महिला पुलिसकर्मी की तैनाती
सभी थानों में बालिकाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान एवं संवाद करने के लिए योग्य महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रदर्शित मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय रखे जाएंगे तथा बच्चों एवं उनके अभिभावकों से प्राप्त शिकायतों या सहायता अनुरोधों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों का एक निश्चित समय में निष्पादन कर इससे संबंधित पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी।
चाइल्ड हेल्प डेस्क की निगरानी करेंगे डीएसपी
इस चाइल्ड हेल्प डेस्क या कॉर्नर की निरंतर निगरानी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रैंक के अधिकारी करेंगे। इसके अतिरिक्त विशेष अपराध सह प्रभारी एसजेपीयू तथा अन्य वरीय जिला स्तरीय पदाधिकारी करेंगे। ताकि बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता एवं प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित हो सके। सभी नियमित पर्यवेक्षण एवं अभिलेख संधारण किया जाएगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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