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छपरा की शिक्षिका चंचला तिवारी को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार

उत्कृष्ट योगदान के लिए शिक्षक दिवस के मौके पर किया जायेगा सम्मानित

छपरा। शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य के लिए सारण जिले को एक और गौरव मिलने जा रहा है। छपरा सदर प्रखंड के बसाढ़ी स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक चंचला तिवारी का चयन राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

चंचला तिवारी ने विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक संसाधन तैयार करने और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके कार्यों का प्रभाव केवल उनके विद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले और राज्य स्तर पर भी उनकी शैक्षणिक विशेषज्ञता का उपयोग किया गया है।

विद्यालयी शिक्षा के साथ शिक्षक प्रशिक्षण में भी सक्रिय भूमिका

चंचला तिवारी ने एक प्रधानाध्यापक के रूप में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ शिक्षक प्रशिक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वे राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) में संसाधन व्यक्ति के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा वे शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (CTE), सारण में भी संसाधन व्यक्ति के रूप में शिक्षकों के प्रशिक्षण में योगदान दे रही हैं। उनके अनुभव और शैक्षणिक दक्षता का उपयोग विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शिक्षकों को मार्गदर्शन देने के लिए किया गया है।

‘गुरु डिजिटल क्लासेज’ में नोडल शिक्षक की जिम्मेदारी

डिजिटल माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में भी चंचला तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे सारण की ‘गुरु डिजिटल क्लासेज’ की नोडल शिक्षिका के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इस भूमिका के माध्यम से डिजिटल शिक्षण सामग्री, ऑनलाइन शिक्षा और तकनीक आधारित शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में उनका योगदान रहा है। विद्यालयी शिक्षा में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर उनके प्रयासों को भी उनके चयन के महत्वपूर्ण आधारों में माना जा रहा है।

प्रधानाध्यापकों के लिए तैयार किया हैंडबुक

चंचला तिवारी ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए हैंडबुक विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस प्रकार की सामग्री का उद्देश्य प्रधानाध्यापकों को विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक योजना और प्रशासनिक कार्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभव और शैक्षणिक समझ का उपयोग करते हुए ऐसी सामग्री तैयार करने में भूमिका निभाई, जिसका उपयोग प्रधानाध्यापकों के लिए मार्गदर्शिका के रूप में किया जा सकता है।

मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल का किया विकास

बिहार के मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास में भी चंचला तिवारी का योगदान रहा है। विद्यालय नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता, शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रभावी विद्यालय प्रबंधन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया में उनकी सहभागिता रही। इससे प्रधानाध्यापकों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने में मदद मिलती है।

राज्य स्तर पर मिला योगदान का सम्मान

राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन शिक्षा के क्षेत्र में उनके लगातार योगदान की पहचान माना जा रहा है। विद्यालय में बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ शिक्षकों के पेशेवर विकास और शैक्षणिक संसाधनों के निर्माण में उनकी भूमिका ने उन्हें अन्य शिक्षकों से अलग पहचान दिलाई है। उनका चयन सारण जिले के लिए भी गौरव का विषय है। शिक्षक दिवस पर राज्य स्तर के समारोह में सम्मानित किए जाने से जिले के शिक्षकों और शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल है।

शिक्षा के प्रति समर्पण का मिला सम्मान

चंचला तिवारी के योगदान से यह संदेश भी सामने आता है कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक अपने अनुभव, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से विद्यालय, शिक्षकों और पूरी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।विद्यालय की प्रधानाध्यापक के रूप में जिम्मेदारी निभाने के साथ राज्य और जिला स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा और शैक्षणिक सामग्री निर्माण में उनकी सक्रियता ने उन्हें व्यापक स्तर पर पहचान दिलाई है।

चंचला तिवारी का प्रमुख योगदान

  • SCERT में संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्य।
  • CTE, सारण में संसाधन व्यक्ति के रूप में योगदान।
  • सारण गुरु डिजिटल क्लासेज की नोडल शिक्षिका के रूप में जिम्मेदारी।
  • प्रधानाध्यापकों के लिए हैंडबुक विकसित करने में योगदान।
  • बिहार के मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास में योगदान।

सारण की चंचला तिवारी का राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चयन न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि जिले के शिक्षा जगत के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है। शिक्षक दिवस पर पटना में मिलने वाला यह सम्मान उनके वर्षों के शैक्षणिक समर्पण और नवाचार को राज्य स्तर पर पहचान देगा।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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