बिहार के बस स्टैंड बनेंगे मिनी एयरपोर्ट, 31 शहरों में बनेंगे विश्वस्तरीय टर्मिनल
डीजल-पेट्रोल रिटेल आउटलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा

पटना। बिहार के बस पड़ाव अब नए कलेवर में नजर आएंगे। इन्हें दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की तर्ज पर आधुनिक, सुविधाजनक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। निगम पीपीपी मोड में राज्य के 31 स्थानों पर विश्वस्तरीय आधुनिक बस पड़ाव का निर्माण कराएगा।
इन टर्मिनलों में शॉपिंग मॉल, कैफेटेरिया, होटल, पीवीआर और एंटरटेनमेंट जोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो न सिर्फ यात्रियों को सुविधा देंगी बल्कि बस यात्रा को एक सुखद अनुभव भी बनाएंगी। यहां डीजल और पेट्रोल रिटेल आउटलेट भी स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पर्याप्त ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद होंगे, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
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इन स्थानों पर होगा बस पड़ाव का निर्माण
निगम ने पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुंगेर, जमुई, नवादा, सहरसा, पालीगंज, लहेरियासराय, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, छपरा, सुल्तानगंज, नौबतपुर, बरबीघा, मोकामा, चकाई, सीतामढ़ी, बिहारशरीफ, औरंगाबाद, आरा, जहानाबाद, संग्रामपुर, तारापुर, भदौनी, सिकंदरा और राजगीर जैसे शहरों को चिन्हित किया है। परियोजनाओं के तहत बड़े से लेकर छोटे शहरों तक का चयन किया गया है, जिसकी बदौलत इन स्थानों का शहरीकरण और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और निगम का राजस्व भी बढ़ेगा।
पड़ाव पर होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन टर्मिनलों में आधुनिक एसी युक्त प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त पार्किंग, यात्री सहायता काउंटर, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक अनुकूल सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, एटीएम, दीदी की रसोई और ई-चार्जिंग स्टेशन जैसी उत्कृष्ट सुविधाएं दी जाएंगी। ये बस डिपो पांच मंजिला होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर बस पार्किंग और वर्कशॉप होगी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर निगम कार्यालय, कैफेटेरिया, दुकानें, एसी-नॉन एसी वेटिंग रूम, डॉर्मेटरी, गेस्ट रूम, महिलाओं के लिए फीडिंग रूम, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग मॉल, होटल और एंटरटेनमेंट जोन विकसित किए जाएंगे।
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रोजगार सृजन और मल्टी-मॉडल हब
यह परियोजना बस स्टैंडों को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके लिए निगम जमीन उपलब्ध कराएगा और निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी निजी भागीदार निभाएंगे। निर्माण के बाद बस पड़ाव लगभग निर्धारित वर्षों की लीज अवधि के लिए निजी एजेंसी को दिए जाएंगे। इस दौरान रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी एजेंसी की ही होगी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद ये सुविधाएं पूर्ण रूप से निगम को ट्रांसफर कर दी जाएंगी। यह पहल राज्य में बस यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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