छपरा

EOU Raid In Chhapra: सारण के पूर्व डीपीओ अजीत अमर हरिजन के 4 ठिकानों पर छापेमारी, आय से 72.35% अधिक संपत्ति का आरोप

छपरा, सीवान और सहरसा में एक साथ कार्रवाई,

छपरा। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) अजीत अमर हरिजन के छपरा, सीवान और सहरसा स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ईओयू का दावा है कि प्रारंभिक जांच में उनके पास ज्ञात आय से 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद राज्य स्तरीय टीम ने कार्रवाई शुरू की।

आर्थिक अपराध इकाई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि अजीत अमर हरिजन ने अपनी ज्ञात आय की तुलना में 62 लाख 20 हजार 550 रुपये की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित की है। प्रथम दृष्टया यह राशि उनकी वैध आय से लगभग 72.35 प्रतिशत अधिक पाई गई। इसके आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 17/26 दर्ज किया गया है।

चार ठिकानों पर एक साथ पहुंची ईओयू की टीम

ईओयू की अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार सुबह एक साथ चार स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। इनमें सीवान जिले के दरौंधा थाना क्षेत्र स्थित रैनी गांव का पैतृक आवास, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का मकान, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष तथा छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास शामिल हैं।

तलाशी के दौरान दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, निवेश संबंधी कागजात, चल-अचल संपत्ति से जुड़े अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब्त सामग्री और जांच में मिले तथ्यों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

पहले भी लगे थे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप

पूर्व डीपीओ अजीत अमर हरिजन का नाम इससे पहले भी भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रहा है। लोक शिकायत निवारण से जुड़े मामले में हुए निर्णय के बाद 24 अप्रैल 2026 को उनके विरुद्ध पहला आरोप पत्र शिक्षा विभाग को भेजा गया था।

इसके बाद उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय जांच समिति ने विस्तृत जांच की। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 17 जून 2026 को 266 पृष्ठों का पूरक आरोप पत्र भी शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इन दस्तावेजों में विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।

32 महीने की प्रतिनियुक्ति भी बनी चर्चा का विषय

इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू उनकी लगभग 32 महीने तक चली प्रतिनियुक्ति है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल लगातार उठ रहे हैं कि इतनी लंबी अवधि तक प्रतिनियुक्ति पर बने रहने के बावजूद उनके कार्यों की समय पर समीक्षा और कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अब ईओयू की कार्रवाई के बाद यह मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

ईओयू अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आय से अधिक संपत्ति का वास्तविक दायरा कितना है और आगे किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

एक नजर में

  • पूर्व डीपीओ (माध्यमिक शिक्षा) अजीत अमर हरिजन के खिलाफ ईओयू की कार्रवाई।
  • ज्ञात आय से 72.35% अधिक संपत्ति होने का प्रथम दृष्टया दावा।
  • 62.20 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप।
  • छपरा, सीवान और सहरसा के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी।
  • विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर के तलाशी वारंट पर कार्रवाई।
  • पहले भी दो आरोप पत्र और 266 पन्नों का पूरक आरोप पत्र शिक्षा विभाग को भेजा जा चुका है।
  • लगभग 32 महीने की प्रतिनियुक्ति भी जांच और चर्चा का विषय बनी हुई है।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button