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रेलवे स्टेशन पर ही होटल जैसी सुविधा, बलिया में 25 बेड वाली स्लीपिंग पॉड-डॉरमेट्री शुरू

25 बेड की आधुनिक सुविधा, 3 से 24 घंटे तक बुकिंग की व्यवस्था

बलिया। अब ट्रेन बदलने या कनेक्टिंग ट्रेन के इंतजार में यात्रियों को घंटों स्टेशन परिसर में बैठकर समय नहीं गुजारना पड़ेगा। बलिया स्टेशन पर यात्रियों के लिए वाराणसी मंडल की पहली स्लीपिंग पॉड एवं डॉरमेट्री सुविधा शुरू कर दी गयी है। इस सुविधा के तहत यात्री अपनी जरूरत के अनुसार कुछ घंटों से लेकर 24 घंटे तक सुरक्षित और आरामदायक ठहराव की सुविधा ले सकेंगे। खास तौर पर रात में ट्रेन का इंतजार करने वाले तथा कनेक्टिंग ट्रेनों के बीच लंबा अंतराल होने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी होगी।

पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल की ओर से शुरू की गयी इस सुविधा का संचालन मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया है। रेलवे के अनुसार, इसका उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन पर ही किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराना है।

25 बेड की सुविधा, चार श्रेणियों में ठहरने का विकल्प

बलिया स्टेशन पर शुरू की गयी इस सुविधा में कुल 25 बेड उपलब्ध कराये गये हैं। यात्रियों की जरूरत और बजट के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में ठहरने की व्यवस्था की गयी है। इसमें वातानुकूलित कॉमन डॉरमेट्री, सिंगल बेड, डीलक्स रूम और महाराजा रूम शामिल हैं। इससे अकेले यात्रा करने वाले यात्रियों से लेकर अधिक आराम चाहने वाले यात्रियों तक के लिए विकल्प उपलब्ध होंगे।

3 घंटे से 24 घंटे तक कर सकेंगे बुकिंग

स्लीपिंग पॉड और डॉरमेट्री की सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को पूरे दिन या पूरी रात के लिए कमरा लेने की बाध्यता नहीं होगी। यहां 3, 6, 9, 12 और 24 घंटे की अवधि के लिए बुकिंग की जा सकेगी। इससे ट्रेन के समय के अनुसार यात्री अपनी जरूरत भर का समय बुक कर सकेंगे। खासकर ऐसे यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी, जिन्हें कुछ घंटे ही स्टेशन पर रुकना हो।

कनेक्टिंग ट्रेन वाले यात्रियों को विशेष फायदा

रेलवे के अनुसार, यह सुविधा उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी, जिनकी आगे की ट्रेन कुछ घंटे बाद है या जिन्हें रात में स्टेशन पर रुकना पड़ता है। ऐसे यात्रियों को अब लंबी प्रतीक्षा के दौरान स्टेशन पर अधिक आरामदायक वातावरण मिल सकेगा।

कनेक्टिंग ट्रेनों के बीच समय के अंतराल को देखते हुए घंटों के आधार पर ठहरने की सुविधा यात्रियों के समय और सुविधा दोनों के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती है।

सुरक्षित और किफायती विश्राम पर जोर

रेलवे की ओर से शुरू की गयी इस व्यवस्था का उद्देश्य स्टेशन पर यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक विश्राम उपलब्ध कराना है। इससे विशेष रूप से महिला, बुजुर्ग, परिवार के साथ यात्रा करने वाले और देर रात या तड़के ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है। स्टेशन परिसर के भीतर ही ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध होने से यात्रियों को बाहर होटल या अन्य ठहराव स्थल तलाशने की जरूरत कम होगी।

यात्री सुविधाओं के साथ बढ़ेगा गैर-किराया राजस्व

यह सुविधा केवल यात्री सुविधा से ही नहीं जुड़ी है, बल्कि रेलवे के गैर-किराया राजस्व को बढ़ाने की दिशा में भी एक पहल है। रेलवे के अनुसार, स्लीपिंग पॉड एवं डॉरमेट्री सुविधा का संचालन 10 वर्ष के अनुबंध के तहत किया जाएगा। इससे मंडल को अतिरिक्त गैर-किराया आय प्राप्त होने के साथ स्टेशन की यात्री सुविधाओं के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्टेशन पर यात्री अनुभव बेहतर होने की उम्मीद

बलिया स्टेशन पर स्लीपिंग पॉड और डॉरमेट्री सुविधा शुरू होने से यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक विकल्प मिलेंगे। खासकर ट्रेन बदलने, लंबी प्रतीक्षा या रात्रि ठहराव की स्थिति में स्टेशन पर ही आराम करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। घंटों के हिसाब से बुकिंग की व्यवस्था इस सुविधा को और उपयोगी बनाती है। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की समय-सारिणी के अनुसार ठहरने का विकल्प मिलेगा और अनावश्यक खर्च से भी बचने में मदद मिल सकती है।

सुविधा पर एक नजर

सुविधाविवरण
स्थानबलिया स्टेशन
सुविधास्लीपिंग पॉड एवं डॉरमेट्री
कुल बेड25
श्रेणियांएसी कॉमन डॉरमेट्री, सिंगल बेड, डीलक्स रूम, महाराजा रूम
बुकिंग अवधि3, 6, 9, 12 और 24 घंटे
संचालन अवधि10 वर्ष का अनुबंध
प्रमुख लाभार्थीकनेक्टिंग ट्रेन एवं रात्रि ठहराव वाले यात्री

बलिया स्टेशन पर यह सुविधा शुरू होने के साथ वाराणसी मंडल में यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक नया विकल्प जुड़ गया है। अब ट्रेन के इंतजार के दौरान यात्रियों को स्टेशन पर ही कुछ घंटों के लिए आराम करने की सुविधा मिल सकेगी।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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