बिहार

अब वाहनों में प्रेशर हॉर्न मिला तो होगी कार्रवाई, दुकानों पर भी पड़ेगी रेड

राज्यभर में चलेगा विशेष जांच अभियान

पटना। सड़कों पर तेज और कर्कश आवाज पैदा करने वाले प्रेशर हॉर्न तथा मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न अब वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने राज्यव्यापी विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाने का निंर्णय लिया है। इस अभियान के तहत न केवल ऐसे हॉर्न का उपयोग करने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी, बल्कि उनकी बिक्री करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन सचिव राज कुमार ने राज्य के सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि मानक से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले प्रेशर हॉर्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुके हैं। इनके कारण ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे अस्पतालों, स्कूलों, आवासीय इलाकों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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सभी जिलों में होगी सघन वाहन जांच

अभियान के दौरान जिला परिवहन कार्यालयों की टीम विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच करेगी। विशेष रूप से स्कूली वाहनों, यात्री वाहनों, मालवाहक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन साधनों की जांच पर जोर दिया जाएगा। जांच के दौरान यदि किसी वाहन में प्रेशर हॉर्न या मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न लगा पाया जाता है तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहन को निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

प्रेशर हॉर्न का उपयोग है दंडनीय अपराध

परिवहन विभाग के अनुसार प्रेशर हॉर्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न सामान्य हॉर्न की तुलना में कई गुना अधिक ध्वनि उत्पन्न करते हैं। इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों का ध्यान भटकने की आशंका रहती है। कई बार तेज आवाज के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ध्वनि मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इससे बुजुर्गों, मरीजों, छोटे बच्चों तथा विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। यही कारण है कि ऐसे हॉर्नों के उपयोग को कानूनन प्रतिबंधित किया गया है।

डीटीओ को दिए गए विशेष निर्देश

राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों (डीटीओ) को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि अभियान के दौरान नियम उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों में कानून के प्रति जागरूकता और अनुपालन की भावना विकसित हो सके।

इसके अतिरिक्त सभी नगर आयुक्तों को भी पत्र भेजकर नगर निगम के वाहनों में लगे प्रेशर हॉर्न को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि सरकारी संस्थान स्वयं नियमों के पालन का उदाहरण प्रस्तुत कर सकें।

हॉर्न बेचने वालों पर भी होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वाहन मालिकों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए जिलों में गठित धावा दल ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करेगा जो अवैध रूप से प्रेशर हॉर्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बेच रहे हैं। इन दुकानों पर छापेमारी कर हॉर्न जब्त किए जाएंगे तथा संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शांत और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने की अपील

परिवहन सचिव ने राज्य के वाहन चालकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में प्रेशर हॉर्न अथवा मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न का उपयोग न करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था के लिए सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। ध्वनि प्रदूषण को कम करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नियमों का पालन करना प्रत्येक वाहन चालक की जिम्मेदारी है।

विभाग को उम्मीद है कि इस विशेष अभियान से न केवल ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि सड़कों पर सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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