निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी रखने वाले इंजीनियरों और ठेकेदारों पर गिरेगी गाज
विभागीय सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में की गई योजनाओं की समीक्षा

पटना। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में विभाग के वरीय पदाधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सचिव कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आंकलन किया गया। साथ ही उनके क्रियान्वयन में आने वाले अवरोधों का निराकरण करने को लेकर मंथन किया गया।
इस दौरान पंचायत सरकार भवन, प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय-सह-आवासीय परिसर, अटल कला भवन, आवासीय विद्यालयों का निर्माण, भवनों की मरम्मती एवं रख-रखाव, विधि विभाग से संबंधित मामलों का निपटारा, सरकारी भवनों में सोलर पैनल अधिष्ठापन, गुणवत्तापूर्ण भवनों का निर्माण समेत अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया।
योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश
सचिव ने अभियंताओं को विभाग की योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंताओं को कार्य योजना के अनुसार पीछे चल रही योजनाओं की नियमित समीक्षा करने एवं निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्क प्लान तैयार कर मुख्य अभियंता योजनाओं की विकली रिव्यू करें और समीक्षा रिपोर्ट समर्पित करें। समीक्षात्मक बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी बुलाएं। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
प्रत्येक महीने में दो बार बैठक करें
भवनों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण को लेकर अभियंता प्रमुख को निदेशित किया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए अभियंताओं एवं संवेदकों के साथ प्रत्येक महीने में दो बार बैठक करें। कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक की जिम्मेदारी तय करें ताकि भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चत हो। उन्होंने कहा कि भवनों के निर्माण में ईंट, टाइल्स, बालू, छड़ जैसे सामग्रियों का प्रयोग मानक के अनुरूप हो ताकि निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। मुख्यालय स्तर से जांच टीम पर भी निगरानी हो और शिकायत मिलने पर अविलंब कार्रवाई हो। धीमी गति से कार्य करने वाले अभियंताओं एवं संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सरकारी भवनों में आवश्यकतानुसार सोलर पैनल अधिष्ठापन हेतु भी निदेशित किया। मुख्य अभियंताओं को सोलर पैनल से संबंधित रिपोर्ट देने के लिए निदेश दिया गया। इस बैठक में विभाग के अपर सचिव, संयुक्त सचिव एवं अभियंताओं सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।



