UGC Act: यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर छपरा शहर में निकला मशाल जुलूस
UGC Act: यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर छपरा शहर में निकला मशाल जुलूस

छपरा । विश्वविद्यालय कैंपस को भेदभाव मुक्त बनाने के लिए यूजीसी के सशक्त इक्विटी रेगुलेशन को रोहित एक्ट के तर्ज पर लागू करने तथा बिहार में SC/ST/EBC/BC के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग को लेकर छपरा शहर में मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर पालिका कैंपस से शुरू होकर थाना चौक होते हुए नगर पालिका चौक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया।
सामाजिक न्याय और समान अवसर की मांग
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय, समान अवसर और जातिगत भेदभाव से मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मजबूत यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान लंबे संघर्षों और आंदोलनों के परिणामस्वरूप सामने आया है।
हालांकि इस पर न्यायालय द्वारा लगाए गए स्थगन के बाद देशभर में छात्र-युवा और सामाजिक संगठनों के बीच व्यापक असंतोष देखा जा रहा है।
कई जिलों में चल रहा जनजागरण अभियान
वक्ताओं ने बताया कि इसी क्रम में बिहार के विभिन्न जिलों में लगातार कन्वेंशन, सभाएं और मशाल जुलूस आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण किया जा रहा है और आंदोलन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर कन्वेंशन आयोजित किए जा चुके हैं और आगे भी इस तरह के कार्यक्रम जारी रहेंगे।
जेएनयू आंदोलन का भी किया जिक्र
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जेएनयू में यूजीसी इक्विटी प्रावधानों को लेकर हुए आंदोलन के दौरान 14 छात्र नेताओं को जेल भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि वे साथी आज देश के विभिन्न हिस्सों में इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए अभियान चला रहे हैं। साथ ही बिहार के अलग-अलग जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर छात्रों और युवाओं को एकजुट कर रहे हैं।
18 मार्च को पटना में होगा समता महाजुटान
बताया गया कि 18 मार्च को पटना में “74 आंदोलन के ऐतिहासिक दिवस” के अवसर पर समता महाजुटान और मार्च का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में छपरा जिले से सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा भागीदारी करेंगे। इसके लिए जिले भर में जनसंपर्क और संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी गई है, ताकि इस कार्यक्रम को व्यापक और ऐतिहासिक बनाया जा सके।
आंदोलन को मजबूत करने की अपील
वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्षों की उपलब्धि है। इस पर लगाए गए स्थगन और आंदोलन को दबाने की कोशिशों के बावजूद देशभर में छात्र-युवा, शिक्षक, बुद्धिजीवी और न्यायप्रिय समाज के लोग इसे लागू कराने के लिए एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों को भेदभाव मुक्त बनाने के लिए आंदोलन को और मजबूत करने की अपील की।
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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