
रेलवे डेस्क। भारतीय रेलवे ने खानपान सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वाराणसी मंडल के बनारस रेलवे स्टेशन पर वेंडरों के लिए QR कोड आधारित मानकीकृत पहचान पत्र प्रणाली शुरू की गई है। इसके साथ ही बनारस स्टेशन देश का पहला ऐसा रेलवे स्टेशन बन गया है, जहां बिना इस QR कोड वाले आईकार्ड के कोई भी वेंडर या दुकानदार खानपान सामग्री नहीं बेच सकेगा।
38 वेंडरों को QR कोड बेस्ड आईकार्ड
मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने स्टेशन पर सेवा दे रहे 38 वेंडरों को QR कोड बेस्ड आईकार्ड प्रदान कर इस योजना की शुरुआत की। इस मौके पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान, मंडल वाणिज्य प्रबंधक रमेश पांडेय, सहायक वाणिज्य प्रबंधक डी.के. सिंह और स्टेशन के अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
क्या है यह नया सिस्टम?
- QR कोड स्कैन करते ही वेंडर की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी — नाम, आधार संख्या, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, पुलिस वेरिफिकेशन की तारीख, तैनाती स्थान और लाइसेंसधारक का नाम।
- बिना QR कोड वाले आईकार्ड के ट्रेन या स्टेशन परिसर में खानपान सामग्री बेचना अवैध माना जाएगा।
- इस सिस्टम से अवैध वेंडिंग पर अंकुश लगेगा और खानपान की गुणवत्ता की जिम्मेदारी तय होगी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
रेलवे बोर्ड को अवैध वेंडिंग और खानपान की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई वेंडर बिना अधिकृत आईकार्ड के काम कर रहे थे। अब QR कोड वाले मानकीकृत आईकार्ड से न केवल पहचान की पुष्टि होगी, बल्कि अधिकृत वेंडरों का डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।
लागू करने की प्रक्रिया
सभी वेंडरों, दुकानदारों, सहायकों और लाइसेंसधारकों को रेलवे या IRCTC की ओर से मानकीकृत आईकार्ड जारी किए जाएंगे। आईकार्ड केवल स्वीकृत पदों की संख्या और पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही दिया जाएगा। नौकरी छोड़ने पर वेंडर या सहायक को अपना आईकार्ड संबंधित लाइसेंसधारक को लौटाना होगा। प्रत्येक स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों और वेंडरों का रिकॉर्ड एक रजिस्टर में दर्ज रहेगा।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह सिस्टम देशभर के प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में लागू होगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद खानपान सेवा मिलेगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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