
Cyber Crime News: बिहार पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में साइबर ठगी नेटवर्क पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। आईजी (साइबर) रंजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 1200 म्यूल बैंक खातों को चिन्हित कर बंद कराया गया है। इन खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था। मामले में 122 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि संलिप्त पाए गए 5 बैंक कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
आईजी ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए ये बैंक खाते साइबर अपराधियों के नेटवर्क का अहम हिस्सा थे। पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई कर ऐसे खातों और उनसे जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
बिहार में साइबर शिकायतों में देश में चौथा स्थान
आईजी रणजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन शिकायत और एफआईआर दर्ज करने के मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में साइबर अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पुलिस भी लगातार तकनीकी स्तर पर अपनी कार्रवाई मजबूत कर रही है।
उन्होंने बताया कि राज्यभर में अब तक 199 करोड़ रुपये की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से 51 करोड़ 84 लाख रुपये की राशि को होल्ड कराया गया है, जो कुल ठगी गई रकम का 26.04 प्रतिशत है। इसके अलावा 7 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि को रिकवर करने की प्रक्रिया भी की गई है।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर बढ़ी कॉल की संख्या
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर आने वाली शिकायतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी 2026 तक प्रतिदिन लगभग 5500 कॉल प्राप्त हो रहे थे, जो अब बढ़कर औसतन 8100 कॉल प्रतिदिन हो गए हैं।
जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 9 लाख से अधिक कॉल का जवाब दिया गया, जो कुल प्राप्त कॉल का लगभग 99 प्रतिशत है। इसी अवधि में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित 59 हजार 579 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
602 साइबर अपराधी गिरफ्तार
बिहार पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 602 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं वर्ष 2025 में कुल 1098 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई थी।
साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए “साइबर प्रहार 2.0” अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 4147 मोबाइल नंबर और 638 मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराए जा चुके हैं।
फर्जी सिम बेचने वाले एजेंटों पर भी कार्रवाई
आईजी (साइबर) ने बताया कि फर्जी या गलत दस्तावेजों पर सिम बेचने वाले 162 पीओएस एजेंटों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए फर्जी सिम और बैंक खातों के नेटवर्क को तोड़ना बेहद जरूरी है।
साइबर अपराध से जुड़े प्रमुख आंकड़े
| कार्रवाई / मामला | आंकड़े |
|---|---|
| बंद किए गए म्यूल बैंक खाते | 1200 |
| दर्ज एफआईआर | 122 |
| कार्रवाई झेलने वाले बैंक कर्मी | 5 |
| साइबर धोखाधड़ी की राशि | ₹199 करोड़ |
| होल्ड कराई गई राशि | ₹51.84 करोड़ |
| दर्ज शिकायतें | 59,579 |
| गिरफ्तार साइबर अपराधी | 602 |
| ब्लॉक मोबाइल नंबर | 4147 |
| ब्लॉक IMEI नंबर | 638 |
| चिन्हित पीओएस एजेंट | 162 |
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन से सतर्क रहें और साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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