बिहार के किसानों को मिलेगा डिजल अनुदान, सीधे खाते में मिलेगा रूपये

पटना। खेती करने वाले किसानों के लिए डीजल एक अहम हिस्सा है. बारिश के बदलते पैटर्न के कारण किसान खेतों की सिंचाई के लिए पंप सेट पर निर्भर रहते हैं. जिसे चलाने के लिए डीजल की जरूरत होती है. इतना ही नहीं खेतों की जुताई से लेकर कटाई तक के लिए ट्रैक्टर की जरूरत है और उसे चलाने के लिए डीजल की जरूरत होती है. ऐसे में डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम जनता के साथ-साथ किसानों को भी परेशान कर दिया है. किसानों को इस परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए बिहार सरकार डीजल सब्सिडी योजना को मंजूरी दी है. ऐसे में अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो जान लें कि किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी और आवेदन करने का तरीका क्या है.
डीजल पर मिलेगी सब्सिडी
बिहार डीजल सब्सिडी योजना बिहार सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई योजना है. इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई पर सब्सिडी प्रदान करने के उद्देश्य है. इस योजना के तहत पात्र किसानों को सिंचाई के लिए डीजल उपलब्ध कराया जाता है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए, बिहार सरकार का कृषि विभाग हर साल ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित करता है. आपको बता दें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कृषि विभाग ने इस योजना के लिए 150 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है.
बिहार सरकार ने कम वर्षा के कारण सूखे जैसी स्थिति होने पर डीजल से चलने वाले पंप सेट से खरीफ सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को डीजल अनुदान देने की व्यवस्था की है. इस योजना के तहत बिहार राज्य के किसानों को उनके खेतों की सिंचाई पर सब्सिडी दी जाती है. खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए डीजल पंप सेट से खरीदे गए डीजल पर 75 रुपये प्रति लीटर, 750 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई की दर से डीजल सब्सिडी दी जाएगी.
फसलों की सिंचाई के लिए की जाती है. योजना के तहत इस साल खरीफ सीजन में सिंचाई करने वाले किसानों को डीजल पर सब्सिडी दी जाएगी. इस संबंध में बिहार के कृषि विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है.
बिहार डीजल योजना का लाभ
- खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए 75 रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल पंपसेट से खरीदे गए डीजल पर 750 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जाएगा.
- धान की पौध और जूट की फसल की अधिकतम 2 सिंचाई के लिए 1500 रुपये प्रति एकड़ देय होगा.
- खरीफ फसल में धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों के अंतर्गत दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियां, औषधीय और सुगंधित पौधों की अधिकतम 3 सिंचाई के लिए 2250 रुपये प्रति एकड़ देय होगा.
- यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम 8 एकड़ सिंचाई के लिए देय होगा.
- यह अनुदान सभी प्रकार के किसानों के लिए है.
इन दस्तावेजों की जरूरत
- किसान पंजीकरण संख्या
- फोटो
- निवास प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- डीजल विक्रेता की रसीद
- बैंक खाता पासबुक
- डीजल रसीद कम्प्यूटरीकृत/डिजिटल, रसीद पर पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंक, रसीद पर किसान के हस्ताक्षर/अंगूठे के निशान के बिना रसीद मान्य नहीं होगी
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