छपरा

Madhaura Sugar Mill:मढ़ौरा चीनी मिल पर गरमाई राजनीति, विधायक बोले- “लाखों किसानों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे

सरकार को फैसले पर पुनर्विचार की मांग

छपरा। मढ़ौरा चीनी मिल के पुनर्स्थापन को लेकर सारण की राजनीति एक बार फिर गर्माने लगी है। मढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने सरकार की उस कथित योजना का कड़ा विरोध किया है, जिसमें मढ़ौरा चीनी मिल के स्थान पर तरैया में नई चीनी मिल स्थापित किए जाने की चर्चा है। विधायक ने इसे मढ़ौरा की जनता की भावनाओं, किसानों के हितों और क्षेत्र के औद्योगिक भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से तत्काल निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मढ़ौरा की उपेक्षा की गई तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगी।

मढ़ौरा की ऐतिहासिक पहचान रही है चीनी मिल

विधायक जितेंद्र कुमार राय ने जारी बयान में कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं थी, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ और पहचान रही है। इस मिल से हजारों किसान, मजदूर और स्थानीय युवाओं की आजीविका जुड़ी रही है। वर्षों तक इस उद्योग ने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन मिल बंद होने के बाद स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू कराने की मांग क्षेत्र की जनता लगातार करती रही है और यह मुद्दा जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है।

प्रधानमंत्री के आश्वासन का भी किया उल्लेख

विधायक ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मढ़ौरा चीनी मिल को पुनः चालू कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद राज्य सरकार और अन्य स्तरों से भी समय-समय पर सकारात्मक संकेत मिले, जिससे किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी कि मढ़ौरा फिर से औद्योगिक विकास के नक्शे पर अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि यदि अब मढ़ौरा को दरकिनार कर किसी अन्य स्थान को प्राथमिकता दी जाती है, तो यह उन उम्मीदों पर पानी फेरने जैसा होगा।

मढ़ौरा हर दृष्टि से उपयुक्त

जितेंद्र कुमार राय ने कहा कि मढ़ौरा क्षेत्र में हजारों एकड़ गन्ना उत्पादक भूमि उपलब्ध है। यहां बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते हैं और वर्षों से चीनी उद्योग की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा यहां पहले से औद्योगिक आधारभूत संरचना भी मौजूद है, जिसका उपयोग नई परियोजना के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में नई चीनी मिल की स्थापना या पुराने उद्योग के पुनर्जीवन के लिए मढ़ौरा से बेहतर स्थान कोई दूसरा नहीं हो सकता।

सरकार से पुनर्विचार की मांग

विधायक ने सरकार से मांग की कि मढ़ौरा विधानसभा की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रस्तावित योजना पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि नई चीनी मिल स्थापित करनी है या चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करना है, तो मढ़ौरा को ही पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार यह केवल एक औद्योगिक परियोजना का मामला नहीं, बल्कि लाखों किसानों की आजीविका, हजारों युवाओं के रोजगार और पूरे मढ़ौरा विधानसभा के आर्थिक भविष्य का प्रश्न है।

आंदोलन की दी चेतावनी

जितेंद्र कुमार राय ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने मढ़ौरा की अनदेखी की तो क्षेत्र की जनता अपने अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर कार्रवाई देखना चाहती है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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