
छपरा। छपरा शहर के श्यामचक स्थित आदर्श कलोनी की मूल निवासी और दादरा नगर हवेली की निवासी नेहा रंजन ने दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली कॉमरेड्स मैराथन को सफलतापूर्वक पूरा कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यह मैराथन 8 जून 2025 को दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्ज़बर्ग से डरबन तक लगभग 90 किलोमीटर की दूरी को 10 घंटे 49 मिनट और 23 सेकंड में तय कर पूरी की और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
कॉमरेड्स मैराथन – अल्टीमेट ह्यूमन रेस
विश्व प्रसिद्ध कॉमरेड्स मैराथन को “अल्टीमेट ह्यूमन रेस” के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष इसमें 25,000 से अधिक धावकों ने भाग लिया, जिनमें भारत से रिकॉर्ड 416 प्रतिभागी शामिल थे। नेहा ने इस कठिन ‘डाउनहिल रन’ को पार कर यह सिद्ध किया कि संघर्ष, समर्पण और संकल्प के साथ असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
नेहा: एक गृहिणी, एक माँ और अब एक अंतरराष्ट्रीय धाविका
40 वर्षीय नेहा रंजन कोई पेशेवर एथलीट नहीं हैं। वह एक गृहिणी हैं और एक 8 वर्षीय बेटे की माँ हैं। उन्होंने महज तीन वर्ष पहले दौड़ना शुरू किया था—वह भी सिलवासा के रिवरफ्रंट पर अकेले। उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग और सीमित संसाधनों के साथ अपनी तैयारी की। इस दौरान वह हर महीने 400 किलोमीटर की दौड़ और वॉक करती रहीं। उन्होंने सिलवासा के आसपास हिल ट्रेनिंग और लंबी दूरी की दौड़ों के माध्यम से खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया।
| ये भी पढ़ें: Sonam Raghuvanshi: शादी की सेज से श्मशान तक, खून में सना प्रेम और धोखा, सोनम की चाल में फंसा राजा |
हर दौड़ में जीत, हर आलोचना पर मुस्कान
जब नेहा ने 2022 में मैराथन की तैयारी शुरू की थी तो उन्हें लोगों ने कहा, “सिलवासा में कोई महिला इतनी लंबी दौड़ नहीं दौड़ती।” लेकिन नेहा ने ना सिर्फ 42 किमी की मैराथन पूरी की, बल्कि 50, 56, 65 और 71.6 किमी की दौड़ें भी सफलतापूर्वक पूरी कीं। 2023 की 12 घंटे की स्टेडियम रन में उन्होंने 71.6 किमी दौड़ पूरी कर जीत हासिल की।
महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी नेहा
नेहा का मानना है कि “अगर मैं 40 की उम्र में बिना किसी पेशेवर प्रशिक्षण के यह कर सकती हूं, तो और महिलाएं भी कर सकती हैं।” वह चाहती हैं कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता दें और छोटे शहरों व गांवों में दौड़ने और एक्सरसाइज की संस्कृति को बढ़ावा मिले।
Railway Parcel: रेलवे में पहली बार निजी साझेदारी से पार्सल प्रबंधन, बिहार का ये स्टेशन बना रोल मॉडल
पारिवारिक समर्थन बना ताकत
उनकी इस उपलब्धि पर माता-पिता नवीन कुमार और द्रौपदी देवी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। नेहा की प्रारंभिक शिक्षा छपरा और पटना में हुई। उनकी शादी पटना में हुई और वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ सिलवासा में रहती हैं। वहीं नेहा रंजन के इस उपलब्धि पर संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक शहर प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने विशेष तौर पर बधाई दी है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 9, 2026छपराSHO Suspended: सारण SSP का बड़ा एक्शन, कर्तव्यों प्रति लापरवाह 3 थानेदारों को किया सस्पेंड
- August 8, 2026छपराछपरा की बेटी ऋषिका सिंह चंदेल की बड़े पर्दे पर दमदार एंट्री, ‘पब्लिक का हीरो’ में लीड एक्ट्रेस के रूप में आएंगी नजर
- August 8, 2026करियर – शिक्षाChhapra Rajendra College: नये विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के खिलाफ शिक्षक-कर्मियों का हल्लाबोल, राजेंद्र कॉलेज में काला फीता बांधकर प्रदर्शन
- August 8, 2026क्राइमChhapra Crime News: सारण पुलिस ने एक साल से फरार दुष्कर्म के आरोपी गोलू गिरी को किया गिरफ्तार



