
छपरा। डॉक्टर केवल बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि कई बार टूटती उम्मीदों को भी नया जीवन देते हैं। मरीजों की पीड़ा को अपना दायित्व समझकर दिन-रात सेवा में जुटे चिकित्सक समाज के ऐसे नायक हैं, जिनकी भूमिका अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहती। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर सारण जिले के कई ऐसे चिकित्सकों की चर्चा जरूरी है, जिन्होंने चिकित्सा को महज एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का संकल्प बनाया है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ गरीब, असहाय और जरूरतमंद मरीजों तक निःस्वार्थ सेवा पहुंचाकर ये डॉक्टर समाज में संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत मिसाल पेश कर रहे हैं।
कम खर्च में बेहतर इलाज के साथ सामाजिक सरोकार निभा रहे हैं डॉ. अनिल कुमार और डॉ. संजू प्रसाद
श्यामचक स्थित संजीवनी नर्सिंग होम एवं मैटरनिटी सेंटर के संस्थापक डॉ. अनिल कुमार तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संजू प्रसाद वर्षों से कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ दोनों चिकित्सक सामाजिक दायित्वों का भी लगातार निर्वहन कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का निःशुल्क इलाज, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, कंबल एवं दवा वितरण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग जैसे अनेक मानवीय कार्यों के कारण दोनों चिकित्सकों को समाज में विशेष सम्मान प्राप्त है।
आधुनिक सुविधाओं के साथ गरीबों के लिए संबल बने डॉ. हिमांशु कुमार
नगरपालिका चौक स्थित यदुवंशी राय मेमोरियल मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु कुमार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध इस अस्पताल में पात्र मरीजों का निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन किया जाता है। इसके अलावा जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त दवा, ऑपरेशन, भोजन और समय-समय पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों का भी लाभ उपलब्ध कराया जाता है।
हजारों बच्चों तक पहुंची निःशुल्क चिकित्सा सेवा, डॉ. इशिका सिन्हा बनीं प्रेरणा
शहर की प्रथम महिला शिशु रोग विशेषज्ञ एवं न्यूबॉर्न एंड चाइल्ड केयर की संचालिका डॉ. इशिका सिन्हा अब तक 200 से अधिक निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कर हजारों बच्चों का उपचार कर चुकी हैं। उनके पति डॉ. रितेश कुमार रवि भी निःशुल्क जांच एवं अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराकर इस सेवा अभियान में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। दोनों चिकित्सक स्वास्थ्य सेवा के साथ शिक्षा, भोजन और सामाजिक सहायता से जुड़े अनेक मानवीय कार्यों में भी निरंतर योगदान दे रहे हैं।
हर शुक्रवार सेवा का संकल्प निभाते हैं डॉ. अमित रंजन
थाना रोड स्थित द सर्जन हॉस्पिटल के संस्थापक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अमित रंजन प्रत्येक शुक्रवार निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कर मरीजों की जांच, परामर्श और दवा वितरण करते हैं। उनका मानना है कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है और डॉक्टर बनने से पहले एक संवेदनशील इंसान होना सबसे जरूरी है।
ग्रामीण और गरीब मरीजों के लिए लगातार सक्रिय हैं डॉ. संदीप कुमार यादव और डॉ. वीणा यादव
सदर अस्पताल में पदस्थापित एवं शिव चाइल्ड क्लिनिक के संस्थापक वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार यादव तथा आईजीएमएस, पटना में पदस्थापित इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. वीणा यादव भी समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। दोनों चिकित्सक श्री कृष्णा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के बैनर तले छपरा, पटना सहित विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर गरीब एवं वंचित वर्ग को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
गृह जिले के लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं डॉ. आलोक कुमार
मढ़ौरा प्रखंड के भुआलपुर पंचायत निवासी एवं मधुबनी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. आलोक कुमार समय-समय पर अपने गृह जिले सारण में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कर ग्रामीणों का उपचार करते हैं। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी वे प्रभावित लोगों तक स्वयं पहुंचकर निःशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराते हैं।
गरीब मरीजों के लिए उम्मीद बने डॉ. संदीप यादव
श्यामचक स्थित डॉ. आर.एन. यादव आई हॉस्पिटल में सेवाएं दे रहे न्यूरो सर्जन डॉ. संदीप यादव सीमित संसाधनों वाले मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं। वे प्रत्येक बुधवार को छपरा में ओपीडी सेवा देते हैं तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं असहाय मरीजों का निःशुल्क इलाज कर मानव सेवा की मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
स्वास्थ्य जागरूकता और निःशुल्क ऑपरेशन के लिए समर्पित हैं डॉ. आनंद कुमार
सारण निवासी एवं सीवान सदर अस्पताल में कार्यरत हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार भी गरीब मरीजों के लिए समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर और ऑपरेशन आयोजित करते हैं। स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में उनका योगदान लगातार सराहनीय रहा है।
मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस केवल चिकित्सकों को सम्मान देने का अवसर नहीं, बल्कि उन मूल्यों को याद करने का भी दिन है, जिन पर चिकित्सा पेशा टिका है—सेवा, समर्पण, करुणा और मानवता। सारण के ये चिकित्सक अपने कार्यों से यह साबित कर रहे हैं कि डॉक्टर की असली पहचान केवल इलाज करने में नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद तक संवेदना और उम्मीद पहुंचाने में है। समाज ऐसे चिकित्सकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करता है, जिन्होंने अपने ज्ञान और सेवा भाव से अनगिनत लोगों के जीवन में नई रोशनी जगाई है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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