
छपरा। शहर के श्यामचक स्थित आरएन यादव अस्पताल के जाने माने न्यूरों एवं स्पाइन सर्जन डॉ संदीप यादव ने बतया की एक होता है सिरदर्द और दूसरा है माइग्रेन. सिरदर्द तो फिर भी लोग सहन कर लेते हैं, लेकिन माइग्रेन का शीघ्र इलाज बहुत जरुरी है. इसमें सिर में तेज दर्द होता है जिसका सहन करना बहुत मुश्किल है.
ऊपर से सूरज की बढ़ती रौशनी के साथ दर्द भी बढ़ता जाता है. हलांकि माइग्रेन के ट्रीटमेंट के लिए बेहतर है कि आप डॉक्टर से सलाह लें, उन्होंने कहाँ की माइग्रेन के लक्षणों पर एक नजर डालें ताकि इस बीमारी को लोग समय रहते पहचान सकें और इससे होने वाले क्षति से बच सकें.
माइग्रेन के लक्षण-
1. सिर में फड़कता हुआ माइग्रेन दर्द ज्यादातर सिर के एक हिस्से से शुरू होता है.
2. जो लोग माइग्रेन के सिरदर्द से पीड़ित हैं वे आमतौर पर नियमित गतिविधियों को करने में असमर्थता, आंखों में दर्द, मतली और उल्टी भी अनुभव करते हैं.
3. वे प्रकाश, ध्वनि और गंध परिवर्तनों के प्रति अति संवेदनशील हो सकते हैं.
4. दिन भर बेवजह उबासी आना भी माईग्रेन का लक्षण है.
5. माइग्रेन सिरदर्द से पीड़ित लोगों को ऑरा का अनुभव होता है.
6. उन्हें संवेदना की अस्थायी कमी या पिंस और सुईया चुभने की भावना महसूस होती है.
7. माईग्रेन का दर्द होने पर नींद अच्छे से नहीं आती है. थकान महसूस होती है लेकिन नींद नहीं आती है.
8. माईग्रेन के दौरान आंखों में भी भयानक दर्द होता है. पलकें झपकाने में भी बहुत जलन होती है.
9. सिरदर्द के साथ मतली, उल्टी आना भी माईग्रेन के लक्षण होते हैं.
10. माईग्रेन के दौरान मूड में परिवर्तन बहुत तेजी से होता है. कुछ मरीज़ अचानक बिना किसी के कारण बहुत ही उदास महसूस करते हैं या कभी ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं.
11. माइग्रेन का दर्द होने से पहले, कुछ लोगों की खाद्य पदार्थों के लिए लालसा बढ़ जाती है.
12. नियमित गतिविधियों जैसे घूमना या सीढ़ियों पर चढ़ने से माइग्रेन का दर्द बदतर भी हो सकता है.
13. माईग्रेन में बार-बार मूत्र त्याग की आवश्यकता अनुभव करना भी इसका एक लक्षण है.
ये फैक्टर माईग्रेन को ट्रिगर कर सकते है
माइग्रेन ट्रस्ट एक युवा महिला के उदाहरण का उपयोग करता है जिसके ट्रिगर तनाव, हार्मोन के स्तर में बदलाव और भोजन छोड़ना हैं। माइग्रेन ट्रस्ट के अनुसार, अगर वह मासिक धर्म आने से ठीक पहले तनावपूर्ण कार्य बैठक से देर से घर आती है और फिर रात का खाना खाए बिना बिस्तर पर चली जाती है, तो उसे माइग्रेन का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है, बजाय इसके कि इनमें से केवल एक ही परिस्थिति मौजूद हो।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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