छपरा

सारण में बाढ़ से पहले प्रशासन अलर्ट! हेज़लपुर पहुंचे DM, 30 जून तक कटाव निरोधक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम

नाव से नदी का निरीक्षण कर संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा सामग्री रखने के दिए निर्देश

छपरा। मानसून के बीच संभावित बाढ़ और नदी कटाव से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में रविवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने मकेर प्रखंड के हेज़लपुर पहुंचकर जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि हेज़लपुर में चल रहे कटाव निरोधक कार्य का लगभग 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने शेष कार्य को 30 जून 2026 तक हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया।

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कटाव निरोधी सामग्री पहले से रखने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य पूरा होने के साथ-साथ स्थल पर पर्याप्त मात्रा में बोल्डर, जियो बैग एवं अन्य कटाव निरोधी सामग्री उपलब्ध रखी जाए, ताकि नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि या किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आसपास के अन्य संवेदनशील एवं कटाव संभावित क्षेत्रों में भी पहले से पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे बाढ़ की स्थिति में किसी प्रकार की देरी न हो।

नाव से किया नदी के अपस्ट्रीम क्षेत्र का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने नाव के माध्यम से नदी के अपस्ट्रीम क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां नदी की नई जलधारा विकसित करने के उद्देश्य से सिल्ट हटाने (डी-सिल्टिंग) का कार्य कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नदी से निकाले गए सिल्ट एवं मिट्टी को तटबंध से पर्याप्त दूरी पर सुरक्षित रखा जाए, ताकि वर्षा या जलस्तर बढ़ने की स्थिति में वह दोबारा नदी में न बह जाए।

प्राक्कलन के अनुरूप हो डी-सिल्टिंग कार्य

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर अपेक्षाकृत कम क्षेत्र में सिल्ट हटाए जाने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि परियोजना के प्राक्कलन (एस्टीमेट) की पुनः समीक्षा करते हुए निर्धारित क्षेत्रफल के अनुरूप डी-सिल्टिंग का कार्य कराया जाए, ताकि परियोजना का उद्देश्य पूरी तरह पूरा हो सके।

गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में चल रहे सभी बाढ़ सुरक्षा एवं कटाव निरोधक कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ एवं नदी कटाव से जन-धन की अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

निरीक्षण की प्रमुख बातें

बिंदुविवरण
निरीक्षण स्थलहेज़लपुर, मकेर प्रखंड (सारण)
निरीक्षण करने वाले अधिकारीजिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)
कार्य विभागजल संसाधन विभाग (बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल)
कार्य प्रगति92% पूर्ण
कार्य पूरा करने की समय-सीमा30 जून 2026
विशेष निर्देशकटाव निरोधी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखना
अतिरिक्त निरीक्षणनाव से अपस्ट्रीम क्षेत्र एवं डी-सिल्टिंग कार्य का जायजा
उद्देश्यसंभावित बाढ़ एवं नदी कटाव से जन-धन की सुरक्षा

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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