
krishi yantra Bank Bihar: बिहार में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। चौथे कृषि रोड मैप के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत राज्य में कृषि यंत्रीकरण को व्यापक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए योजना के क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यय सहित कुल 236.58 करोड़ रुपए की स्वीकृति का प्रस्ताव है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महंगे कृषि यंत्रों की खरीद प्रत्येक किसान के लिए संभव नहीं होती। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से किसान आवश्यकता के अनुसार किराए पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती की लागत में कमी आएगी, समय की बचत होगी तथा कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी।
267 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे
योजना के अंतर्गत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 10 लाख रुपये तक होगी, जिस पर लागत मूल्य का 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 38 कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक बैंक की लागत 10 लाख रुपये तक होगी तथा पात्र समूहों को लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम 8 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 20 लाख रुपये तक होगी। इसमें 55 हॉर्स पावर अथवा उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर एवं आवश्यक कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक, अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। इससे पराली सहित अन्य फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे
कृषि में आधुनिक ड्रोन तकनीक के विस्तार के लिए राज्य में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कृषि स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तथा अन्य पात्र आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित छिड़काव सहित आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध होंगी।
योजना के तहत 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर व्यक्तिगत किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के प्रत्येक जिले में वर्ष में दो बार दो-दिवसीय कृषि यंत्रीकरण मेले आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं तथा कृषि को अधिक लाभकारी और समृद्ध बनाएं।
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