विश्व एड्स दिवस पर संजीवनी संस्कार स्कूल में चलाया गया जागरूकता अभियान

छपरा। शहर के श्यामचक आदर्श कॉलोनी स्थित संजीवनी संस्कार स्कूल में विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता अभियान चलाया गया. जागरूकता कार्यक्रम का उद्धघाटन शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अनिल कुमार, एसबीआई बैंक के चीफ मैंनेजर कुणाल कपूर, शैलेंद्र कुमार सिंह , प्रचार्य रणजीत भगत, शिक्षक शिक्षिकाएं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. स्कूल के बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ अनिल कुमार ने कहा कि एड्स एक जानलेवा बीमारी है जिससे बचाव करना ही इसका इलाज है। एचआईवी वायरस का संक्रमण इस बीमारी का कारण बनता है। सारी दुनिया में 1 दिसंबर को ‘विश्व एड्स दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
यह दिन पूरी दुनिया को इस बीमारी के खिलाफ एक जुट होकर लड़ने का मौका देता है। एड्स के बारे में स्कूल के बच्चों को जागरूक करने के लिए यहां एकत्रित हुए है । एचआईवी का समय रहते पता लगाने से इसके इन्फेक्शन को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि
एड्स एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जो एचआईवी वायरस के इन्फेक्शन से होता है। यह वायरस व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को इतना कमजोर कर देता है कि सर्दी-जुखाम जैसी छोटी बीमारी से लड़ना भी मुश्किल हो जाता है। इस वायरस के नेचर की वजह से, इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, इसलिए एड्स से बचाव करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया की एड्स का पूरा नाम एकवायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम है। यह एचआईवी इन्फेक्शन का आखिरी चरण होता है। यह वायरस, शारीरिक संबंध बनाने के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, लेकिन इसके संक्रमण के और भी दूसरे कारण हो सकते हैं, जैसे- संक्रमित ब्लड ट्रांस्फयूजन, किसी और पर इस्तेमाल किए हुए इन्जेक्शन का प्रयोग, मां से बच्चे को जन्म के समय, ब्रेस्टफीड करना। समय पर एचआईवी संक्रमण का पता न लगने की वजह से एड्स हो सकता है। हालांकि, इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन दवाइयों की मदद से इसके इन्फेक्शन को कंट्रोल किया जा सकता है। यह वायरस इम्यून सिस्टम के टी-सेल्स पर हमला करता है, जिस वजह से इम्युनिटी कमजोर होने लगती है और अन्य दूसरी बीमारियों से बचाव करना मुश्किल हो जाता है.
*जाने इसके लक्षण*
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, एचआईवी वायरस के संक्रमण के तीन चरण होते हैं। एक्यूट एचआईवी इन्फेक्शन का सबसे पहला चरण होता है, जिसमें फ्लू जैसे लक्षण नजर आते हैं। इसके बाद दूसरा स्टेज क्लीनिकल लेटेंसी होता है। इस चरण में आमतौर पर कोई लक्षण नजर नहीं आते और कई सालों तक यह स्टेज रह सकता है। इसके बाद आखिरी स्टेज एड्स होता है।
इस मौके पर मुख्य अतिथि एसबीआई बैंक के चीफ मैंनेजर कुणाल कपूर ने बच्चों को एड्स के बारे में बताया की इस बीमारी के बारे में हम सभी लोगों को खुल कर बात करना चाहिए और इसके बारे में लोगों को विस्तृत रूप से लोगों को जागरूक करना चाहिए. तभी हम सब इस बीमारी से बचाव कर सकते हैं. इस मौके पर डॉ अनिल कुमार, कुणाल कपूर, शैलेन्द्र सिंह ऊर्फ चुलबुल सिंह, चिंटू कुमार, रोहित कुमार, रंजीत भगत प्राचार्य ,रितु कुमारी , ज्योति सिंह, ममता कुमारी, अंजलि पर्वत,कुमारी कल्पना,शिशीर श्रीवास्तव, जन्मेजय सिंह, संदीप शर्मा,सीमा मिश्रा,सुरभि कुमारी साबिया,पूजा कुमारी,कमलेश कुमार मौजूद थे।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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