परिवार नियोजन की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं की नहीं, पुरुषों को भी आना होगा आगे

• छोटे परिवार के बड़े फायदे की अहमियत समझाने की हरसंभव कोशिश कर रही है सरकार
• महिला बंध्याकरण की अपेक्षा पुरुष नसबंदी अत्यधिक सरल और सुरक्षित
छपरा,8 नवंबर । परिवार नियोजन सेवाओं को सही मायने में धरातल पर उतारने और समुदाय को छोटे परिवार के बड़े फायदे की अहमियत समझाने की हरसंभव कोशिश सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनवरत की जा रही है। यह तभी फलीभूत हो सकता है जब पुरुष भी खुले मन से परिवार नियोजन साधनों को अपनाने को आगे आएं और उस मानसिकता को तिलांजलि दे दें कि यह सिर्फ और सिर्फ महिलाओं की जिम्मेदारी है। पुरुष नसबंदी से शारीरिक कमजोरी आती है, यह गलत धारणा है। इसको मन से निकालकर यह जानना बहुत जरूरी है कि महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी अत्यधिक सरल और सुरक्षित है।
इसलिए दो बच्चों के जन्म में पर्याप्त अंतर रखने के लिए और जब तक बच्चा न चाहें तब तक पुरुष अस्थायी साधन कंडोम को अपना सकते हैं। वहीं परिवार पूरा होने पर परिवार नियोजन के स्थायी साधन नसबंदी को भी अपनाकर अपनी अहम जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
पुरुष नसबंदी के लिए चलेगा विशेष अभियान:
जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि जिले में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर सभी जिले के जिलाधिकारी व सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में निर्देश दिया गया है कि जिले में 14 नवंबर से 4 दिसंबर तक मिशन परिवार विकास अभियान के अंतर्गत पुरुष नसबंदी पखवाड़ा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। पखवाड़ा दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में 14 से 20 नवंबर तक “दंपति संपर्क सप्ताह” एवं 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा” का आयोजन किया जाएगा।
योग्य दंपति को मिलेगी परिवार नियोजन की जानकारी:
पखवाड़ा के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले योग दंपति को गर्भनिरोधक के संबंध में परामर्श देते हुए इच्छित गर्भ निरोधक साधन अथवा सेवा इच्छा अनुसार उपलब्ध करायी जाएगी। पखवाड़े के दौरान आशा द्वारा कंडोम गर्भनिरोधक गोलियों के वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लाभार्थी को बार-बार केंद्रों पर आने एवं बार-बार संपर्क से बचने के लिए कंडोम और गर्भनिरोधक गोली के अतिरिक्त पैकेट आपूर्ति की जा सकती है।
अधिक सरल है पुरुष नसबंदी:
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि पुरुष नसबंदी मामूली शल्य प्रक्रिया है। यह महिला नसबंदी की अपेक्षा अधिक सुरक्षित और सरल है। इसके लिए न्यूनतम संसाधन, बुनियादी ढांचा और न्यूनतम देखभाल की आवश्यकता है। पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है। इस भ्रम को तोड़ना होगा। छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुष को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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