Naari Shakti Yojana: सारण में 10 महीने से फाइलों में कैद 31 हिंसा पीड़ित महिलाएं, एक हफ्ते में होगा बड़ा फैसला
हिंसा पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास में लापरवाही पर डीएम सख्त

छपरा। महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं उनके आश्रित बच्चों की चिकित्सा, शिक्षा और पुनर्वास को लेकर जिला स्तरीय सामाजिक पुनर्वास कोष समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने की।
बैठक में योजना के तहत अब तक की गई प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि पूर्व की बैठक में चयनित हिंसा से पीड़ित 31 महिलाओं का पिछले 10 महीनों से अब तक सत्यापन नहीं किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
एक सप्ताह में सत्यापन पूरा करने का अल्टीमेटम
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि चयनित सभी 31 महिलाओं का सत्यापन एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए तथा उसके उपरांत उनके पुनर्वास की प्रक्रिया में अविलंब तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं और उनके बच्चों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
नए मामलों को भी तुरंत लाने का निर्देश
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि भ्रमण के दौरान या अपने आसपास यदि कहीं भी हिंसा से पीड़ित महिलाओं के मामले संज्ञान में आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए समिति के माध्यम से उनका चयन कराया जाए। साथ ही, ऐसी महिलाओं एवं उनके आश्रित बच्चों के लिए पुनर्वास, चिकित्सा सहायता और शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी कहा कि हिंसा से पीड़ित महिलाएं पहले से ही मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से गुजर रही होती हैं, ऐसे में उनके मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का उद्देश्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिलाओं के साथ-साथ उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके और वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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