अब सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, 24 घंटे में मिलेगा डेथ सर्टिफिकेट
अब गांवों में भी डिजिटल सुविधा का विस्तार

पटना: राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सुविधाओं को और तेज एवं सुलभ बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं को मजबूत करने की नई पहल शुरू की गई है। सरकार ने जहां एक ओर मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाते हुए इसे 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है, वहीं दूसरी ओर हर पंचायत में आधार सेवा केंद्र खोलने की तैयारी भी तेज कर दी गई है।
आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे
पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित समीक्षात्मक बैठक में विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 15 अप्रैल 2026 तक राज्य की 2000 ग्राम पंचायतों में संचालित पंचायत सरकार भवनों में आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर अनिवार्य रूप से केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें उत्तर बिहार के 21 जिलों—पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गोपालगंज, अररिया, पश्चिम चंपारण, सुपौल, वैशाली, बेगूसराय, मधेपुरा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, सारण, सिवान, खगड़िया, सहरसा, शिवहर, किशनगंज और सीतामढ़ी के उप-विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी एवं जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हुए।
ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर भी जोर
बैठक में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। विभाग द्वारा विकसित ई-पंचायत बिहार पोर्टल पर अब उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) जमा करने के लिए यूसी मॉड्यूल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। निदेशक ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के बाद सभी पदाधिकारी इसी पोर्टल के माध्यम से यूसी समर्पित करना सुनिश्चित करें, जिससे पारदर्शिता और कार्यों की निगरानी बेहतर हो सके।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल “सबका सम्मान–जीवन आसान” के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लागू किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से ग्राम पंचायतों में स्थित मोक्षधाम या कब्रिस्तान में अंत्येष्टि के बाद मृतक के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को समय पर राहत मिल सके।
इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के अंतर्गत इन 21 जिलों की पंचायतों में अब तक 6,67,917 सोलर स्ट्रीट लाइट्स स्थापित की जा चुकी हैं। जिन जिलों में 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है, वहां संबंधित एजेंसियों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार की इन पहलों से न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि आम लोगों को समय पर और पारदर्शी सुविधाएं भी मिल सकेंगी, जिससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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