बिहार

बिहार में अब नहीं होगा टेंडर घोटाला, ठेकेदार के साथ जिम्मेदार अफसरों पर भी गिरेगी गाज

टेंडर फाइनल होने से पहले होगी दस्तावेजों की कड़ी जांच

पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग की निविदा प्रक्रिया में अब सिर्फ फर्जी दस्तावेज जमा करने वाले निविदादाताओं पर ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि दस्तावेजों के सत्यापन से लेकर निविदा के निस्तारण तक जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने निविदा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता और फर्जीवाड़े के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी निविदा को अंतिम रूप देने से पहले निविदादाताओं की ओर से जमा किए गए सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन और समुचित जांच एवं सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। यदि निविदा निस्तारण के बाद किसी निविदादाता के दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं, जांच में यदि यह सामने आता है कि दस्तावेजों के सत्यापन या निविदा निस्तारण के दौरान संबंधित अधिकारियों अथवा अभियंताओं की ओर से लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी।

फर्जी दस्तावेज मिलने पर निविदादाता पर होगी कार्रवाई

मंत्री ने कहा कि निविदा प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक निविदादाता द्वारा प्रस्तुत कागजात की जांच के बाद ही उसे सफल या असफल घोषित किया जाता है। इसके बावजूद यदि निविदा के निस्तारण के बाद किसी निविदादाता के खिलाफ शिकायत या परिवाद प्राप्त होता है और जांच में उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी या कूटरचित पाए जाते हैं, तो संबंधित निविदादाता के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निविदा प्रक्रिया में दस्तावेजों की सत्यता को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता न हो। दस्तावेजों की जांच को महज औपचारिकता मानने के बजाय उसका ठोस और प्रमाणिक सत्यापन किया जाए।

सिर्फ ठेकेदार नहीं, अधिकारियों की भी होगी जांच

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यदि किसी निविदादाता के फर्जी दस्तावेज के आधार पर निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो कार्रवाई केवल उस निविदादाता तक सीमित नहीं रहेगी। निविदा प्रक्रिया से जुड़े पदाधिकारियों और अभियंताओं की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी अधिकारी या अभियंता ने दस्तावेजों के सत्यापन में लापरवाही बरती, नियमों की अनदेखी की या निविदा के निस्तारण में किसी तरह की अनियमितता हुई, तो संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर अनुशासनिक एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निविदा फाइनल होने से पहले ही हो जाए पूरी जांच

मंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने और निविदा निस्तारण के बाद कार्रवाई करने की स्थिति पैदा होने के बजाय विभाग में ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिसमें निविदा को अंतिम रूप देने से पहले ही सभी जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निविदा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन किया जाए। इससे फर्जी दस्तावेज, अनियमितता और प्रक्रिया संबंधी शिकायतों की संभावना को कम किया जा सकेगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार का जोर

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पारदर्शी, जवाबदेह और सुशासन आधारित शासन-व्यवस्था के विजन के अनुरूप नगर विकास एवं आवास विभाग में निविदा प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निविदाओं के निस्तारण में समयबद्ध निर्णय, नियमों का पालन और स्पष्ट उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा या अनियमितता सामने आने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाए।

मंत्री ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता ऐसी निविदा व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें काम देने की प्रक्रिया से लेकर दस्तावेजों की जांच और अंतिम निर्णय तक हर चरण पारदर्शी और जवाबदेह हो।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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