बिहार में खनन विभाग की कमाई 3592 करोड़ पार, 6214 वाहनों की जब्ती
इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 3800 करोड़, 78 बालू घाट सरेंडर

पटना। बिहार सरकार के खान एवं भू-तत्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने इस वर्ष 3592.60 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 3536.21 करोड़ रुपये से 56.39 करोड़ रुपये अधिक है।
लक्ष्य से आगे बढ़ने की उम्मीद
सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि विभाग इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित 3800 करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी पार कर लेगा। उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से 31 मार्च तक करीब 309 करोड़ रुपये विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त नहीं हो सके, जबकि रेलवे, आरडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी और पटना मेट्रो से कुल मिलाकर लगभग 128 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यह राशि प्राप्त होते ही विभाग लक्ष्य से आगे निकल जाएगा।
78 बालू घाट सरेंडर, फिर भी बढ़ा राजस्व
डिप्टी सीएम ने बताया कि राज्य में 78 बालू घाटों के लीज सरेंडर होने से लगभग 600 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, वहीं विभिन्न कार्य विभागों से भी करीब 150 करोड़ रुपये कम प्राप्त हुए। इसके बावजूद विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में अधिक राजस्व हासिल किया, जो विभाग की सख्ती और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।
कंपनियों को सख्त चेतावनी
विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जिन कंपनियों ने बालू खनन लीज सरेंडर किया है, उन्हें भविष्य में नए टेंडर या नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नाम बदलकर या किसी अन्य माध्यम से भी भागीदारी की कोशिश पर रोक रहेगी। फिलहाल 12 बालू घाटों के लिए नए टेंडर जारी किए गए हैं।
स्टोन माइनिंग ब्लॉक्स से बढ़ेगा रोजगार
राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने 30 स्टोन माइनिंग ब्लॉक्स की पहचान की है, जिन पर उच्च स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। इससे राज्य में पत्थरों के आयात पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा बिहार
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की रिपोर्ट के आधार पर 14 प्रमुख खनन ब्लॉकों की पहचान की गई है, जिनमें से 3 का सफल नीलामी हो चुकी है। रोहतास के नवाडीह, टीपा और शाहपुर-अकबरपुर ग्लॉकोनाइट ब्लॉक तथा गया के सपनेरी वैनाडियम मैग्नेटाइट ब्लॉक के लिए निविदा जारी की गई है, जिसकी अंतिम तिथि 20 मई 2026 निर्धारित है।
‘बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार’ से प्रोत्साहन
अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा “बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार” योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 96 लोगों को 5-5 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई है। ट्रैक्टर से अवैध खनन की सूचना देने पर 5 हजार और ट्रक से जुड़े मामलों में 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है।
सख्ती से कार्रवाई
विभाग की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2025-26 में 50,302 छापेमारी, 2727 एफआईआर, 700 से अधिक गिरफ्तारियां और 6214 वाहनों की जब्ती की गई। साथ ही इन कार्रवाइयों से 82.06 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई है। खान एवं भू-तत्व विभाग की यह उपलब्धि न केवल राजस्व वृद्धि का संकेत है, बल्कि अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह आंकड़ा और बेहतर होगा।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
Latest entries
छपराApril 25, 2026रिविलगंज के अहिल्या उद्धार स्थल को मिलेगी नई पहचान! रामायण सर्किट से जोड़ने की पहल तेज
छपराApril 25, 2026Job Alert : छपरा में 10वीं पास के लिए नौकरी का बड़ा मौका, 15 पदों के लिए होगा चयन
पटनाApril 25, 2026पटना हाईकोर्ट आतंकी हमले से भी पूरी तरह सुरक्षित, ATA ने मॉक ड्रिल से दिखाई काबिलियत
बिहारApril 23, 2026Jamin Registry: अब 80 वर्ष या इससे अधिक के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा, बनेगी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट







