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Cyber Crime: बिहार में 5036 फर्जी बैंक खातों पर एक्शन, साइबर माफिया के नेटवर्क में सेंध

22 बैंक शाखाओं में कार्यरत संदिग्ध कर्मियों का जांच एवं सत्यापन भी शुरू

पटना। राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की तरफ से विशेष अभियान ‘साइबर प्रहार 3.0’ चलाया जा रहा है। 28 अप्रैल से शुरू हो रहे इस विशेष अभियान के पहले दिन ही बैंकों में खोले जाने वाले म्यूल (छद्म या फर्जी) एकाउंट के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर 5078 शिकायतों से प्राप्त 5036 म्यूल एकाउंट धारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

22 बैंक शाखाओं में कार्यरत संदिग्ध कर्मियों का जांच

इसके अलावा 22 बैंक शाखाओं में कार्यरत संदिग्ध कर्मियों का जांच एवं सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है, जिनमें 2025-2026 में सर्वाधिक म्यूल खाते खोले गए हैं। बिहार में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, संदिग्ध सिमकार्ड विक्रेता (पॉस एजेंट), मूल अकाउंट धारकों तथा बच्चों से संबंधित ऑनलाइन अश्लील एवं आपत्तिजनक सामग्री रखने वाले सदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के उद्देश्य से साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की तरफ से विगत दो माह से राज्यव्यापी विशेष अभियान “साइबर प्रहार- 2.0” संचालित किया जा रहा है। यह अभियान साइबर अपराधियों, डिजिटल ठगों, ऑनलाइन शोषण से जुड़े नेटवर्क तथा अवैध इटरनेट गतिविधियों पर त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई के लिए शुरू किया गया है।

2026 में अब तक साइबर प्रहार 2.0 अभियान के अंतर्गत प्रमुख उपलब्धियां

इस वर्ष मार्च-अप्रैल में म्यूल बैंक खातों पर व्यापक कार्रवाई की गई। राज्यभर में 1216 संदिग्ध खातों की पहचान कर 122 प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 234 गिरफ्तारी / नोटिस जारी किए गए। अभियान के दौरान लगभग 72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई। सबसे ज्यादा म्यूल खाते पटना में 272 पकड़े गए हैं। इसके बाद मोतिहारी में 95, भागलपुर में 55, बेतिया में 50, पूर्णिया में 49, वैशाली में 44, मुजफ्फरपुर में 43 संदिग्ध खाते शामिल हैं।

3 बैंक कर्मियों की हुई गिरफ्तारी

कई मामलों में बैंको में कार्यरत कर्मियों के स्तर से गंभीर लापरवाही /मिलीभगत के साक्ष्य मिले। इसी कम में भोजपुर-01, कटिहार-01 एवं पटना जिलान्तर्गत 01 कुल 03 बैंक कर्मियों की संलिप्तता पाते हुए गिरफ्तारी की गई। साथ ही जिलो में सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी से संबंधित गिरोहों का भी उद्भेदन हुआ।

कुल 167 संदिग्ध पॉस एजेंटों (सिम विक्रेताओ) के खिलाफ राज्यभर के साइबर थानों को प्रेषित कर सत्यापन एवं जांच कार्रवाई कराई जा रही है, इसमें ऐसे सिम कार्ड बिक्रेता चिन्हित किए गए हैं, जिनके माध्यम से निर्गत सिम का उपयोग बडी सख्या में साइबर ठगों के स्तर से किया जा रहा है। शेष संदिग्धों की जांच की जा रही है।

बच्चों से संबंधित Tipline Reports की तकनीकी जांच के आधार पर 20 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई। जिसके क्रम में अब तक 03 प्राथमिकी दर्ज की गयी एवं 03 अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गयी। शेष संदिग्धों की जाँच की जा रही है।

अभियान के तहत Tipline रिपोर्ट पर तथा साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के स्तर से उपलब्ध सूचना पर कार्यवाही के दौरान पटना जिला अन्तर्गत दिनांक 10 अप्रैल को पटना साइबर थाना कांड संख्या 467/26 एवं दिनांक 24 अप्रैल को पटना साइबर थाना कांड संख्या 542/26 में अभियुक्तों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तार की गई है। अभियुक्तों के पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में संदिग्ध गैर-कानूनी सामग्री पाई गई है, जिसकी जांच की जा रही है।

इसी प्रकार दिनांक 10.04.26 को वैशाली साइबर थाना कांड संख्या 35/26 में साइबर टिपलाइन के सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए सुरक्षित किया गया है। इस मामले में अनुसंधान जारी है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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