रिविलगंज के अहिल्या उद्धार स्थल को मिलेगी नई पहचान! रामायण सर्किट से जोड़ने की पहल तेज
छपरा विधायक ने मुख्यमंत्री से की पहल

छपरा। सारण के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है।
छपरा विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध गौतम ऋषि स्थान (गौतम स्थान, सारण) को प्रस्तावित ‘रामायण सर्किट’ से जोड़ने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।
इसी क्रम में छपरा की विधायक छोटी कुमारी ने अपने पति एवं जिला महामंत्री धर्मेन्द्र कुमार साह के साथ पटना में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
मुलाकात के दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और छपरा टाउनशिप तथा सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर को वाराणसी मॉडल पर विकसित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृति मिलने पर आभार जताया।
साथ ही उन्होंने विधानसभा में बहुमत परीक्षण सफल होने पर मुख्यमंत्री को बधाई भी दी।
विधायक छोटी कुमारी ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन में विशेष रूप से गौतम ऋषि स्थान को ‘रामायण सर्किट’ में शामिल करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि यह स्थल न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसका सीधा संबंध भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों से भी जुड़ा हुआ है।
मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर भगवान राम ने माता अहिल्या का उद्धार किया था, जिसका उल्लेख वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस जैसे ग्रंथों में मिलता है।
उन्होंने यह भी बताया कि गौतम ऋषि स्थान के अलावा क्षेत्र में स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम और हनुमान जी का ननिहाल जैसे स्थल भी सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे हैं, लेकिन आधारभूत सुविधाओं के अभाव में इनका समुचित विकास नहीं हो पाया है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन सभी पौराणिक स्थलों को ‘रामायण सर्किट’ योजना के अंतर्गत विकसित कर यहां विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं, बेहतर सड़क संपर्क, यात्री आवास और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उनका कहना था कि इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधायक की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि यदि गौतम ऋषि स्थान को ‘रामायण सर्किट’ में शामिल किया जाता है, तो सारण जिला धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान बना सकता है, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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