सारण में बाढ़ का खतरा! प्रशासन ने शुरू की बड़ी तैयारी, जानिए क्या-क्या इंतजाम हुए
199 राहत शिविर और 198 नावें तैयार

छपरा। सारण जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री सारण जिला बिजेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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बैठक में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि “Alert & Aware” मोड में रहें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में आम लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बाढ़ एवं सुखाड़ को लेकर जिले में की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि पिछले पांच वर्षों के वर्षापात आंकड़ों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है तथा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
| विषय | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| बैठक की अध्यक्षता | बिजेंद्र प्रसाद यादव |
| बैठक स्थल | समाहरणालय सभाकक्ष, छपरा |
| उपलब्ध पॉलिथीन शीट | 31,881 |
| निजी नाव मालिकों से एकरारनामा | 198 |
| चिन्हित बाढ़ राहत शिविर | 199 |
| सामुदायिक रसोई स्थल | 178 |
| अनुग्रहिक अनुदान (GR) | ₹7000 प्रति परिवार |
| कुल नल-जल योजनाएं | 4,330 |
| खराब पाई गई योजनाएं | 560 |
| पुनः चालू की गई योजनाएं | 542 |
| स्टेटिक मेडिकल टीम | 162 |
| मोबाइल Medical टीम | 52 |
| पशु राहत शिविर स्थल | 32 |
| तटबंध संवेदनशील स्थल | 10 |
| पूर्ण किए गए सुरक्षात्मक कार्य | 5 |
| प्रगति पर कार्य | 5 |
| पेयजल हेल्पलाइन नंबर | 06152-244791 |
| नियंत्रण कक्ष नंबर | 06152-245023 |
| नियंत्रण कक्ष सेवा | 24X7 |
| SDRF स्थायी तैनाती की मांग | रेवा घाट |
| प्रमुख समस्या क्षेत्र | हरदिया चंवर, तेल नदी, तटबंध क्षेत्र |
जिले में संसाधनों की व्यापक तैयारी
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की विस्तृत मैपिंग की गई है। जिले में फिलहाल 31,881 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं। प्रमंडल का नोडल जिला होने के कारण अन्य जिलों को भी आवश्यकता पड़ने पर पॉलिथीन शीट उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। इसके अलावा लाइफ जैकेट एवं महाजाल की खरीद प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
198 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 198 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नावों का परिचालन शुरू किया जा सके। प्रशासन द्वारा 199 बाढ़ राहत शिविर स्थलों की पहचान की गई है। वहीं बाढ़ पीड़ितों को शुद्ध एवं गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए 178 सामुदायिक रसोई स्थलों को चिन्हित किया गया है।
प्रभावित परिवारों को मिलेगा अनुदान
बाढ़ प्रभावित परिवारों को आपदा संपूर्ति पोर्टल के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ₹7000 प्रति परिवार की दर से अनुग्रहिक अनुदान (GR) राशि भेजी जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया पहले से अपडेट कर ली गई है।
तटबंधों पर विशेष निगरानी
संवेदनशील तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुल 10 चिन्हित स्थलों में से 5 स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि शेष स्थलों पर कार्य तेजी से जारी है। प्रभारी मंत्री ने सभी लंबित कार्य इस माह के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया।
पेयजल व्यवस्था और हेल्पलाइन
जिले की 4,330 नल-जल योजनाओं में से 560 योजनाओं में तकनीकी समस्या सामने आई थी। इनमें से 542 योजनाओं की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कर दिया गया है।
पेयजल से संबंधित शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 06152-244791 जारी किया है, जो प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कार्यरत रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार
संभावित आपदा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 162 स्टेटिक मेडिकल टीम और 52 मोबाइल मेडिकल टीम गठित की हैं। सभी टीमों को आवश्यक दवाइयों एवं मेडिकल उपकरणों के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।इसके अलावा मवेशियों के लिए 32 पशु राहत शिविर स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।
24 घंटे कार्यरत रहेगा कंट्रोल रूम
आपदा से संबंधित किसी भी सूचना एवं सहायता के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसका हेल्पलाइन नंबर 06152-245023 है, जो 24X7 कार्यरत रहेगा।
सुखाड़ से निपटने की भी तैयारी
बैठक में संभावित सुखाड़ की स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने किसानों के लिए डीजल अनुदान योजना एवं आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक व्यवस्था पूरी कर लेने की जानकारी दी।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए अहम मुद्दे
बैठक के दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
- परसा विधायक डॉ. करिश्मा राय ने हरदिया चंवर में जलजमाव की समस्या और नालों की सफाई की मांग उठाई।
- अमनौर विधायक कृष्ण कुमार मंटू ने रेवा घाट पर SDRF की स्थायी तैनाती और एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने की मांग की।
- तरैया विधायक जनक सिंह ने तटबंध सुरक्षा एवं SDRF टीमों की अलग-अलग क्षेत्रों में तैनाती का सुझाव दिया।
- मांझी विधायक रंधीर सिंह ने तेल नदी की गाद सफाई का मुद्दा उठाया।
- छपरा विधायक छोटी कुमारी ने फसल क्षति का त्वरित आकलन कर किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की।
बैठकमें प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करें और आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी सतर्कता बनाए रखें।
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