इस बुजुर्ग ने बिहार से दिल्ली तक ट्रेन में खड़े होकर किया सफर, अब रेलवे देगा ब्याज समेत 1.96 लाख का मुआवजा

बिहार डेस्क। रेलवे की लापरवाही के कारण एक बुजुर्ग व्यक्ति को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े। उन्होंने आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक महीने पहले ही टिकट बुक कर लिया था। लेकिन उन्हें लगभग 1200 किलोमीटर की यात्रा खड़े-खड़े ही करनी पड़ी। उपभोक्ता अदालत ने बुजुर्ग यात्री को हुई परेशानी के लिए रेलवे को जिम्मेदार पाया और मुआवजा देने का आदेश दिया। उद्योग सदन में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पैनल, जिसमें अध्यक्ष मोनिका श्रीवास्तव, डॉ. राजेंद्र धर और रश्मि बंसल शामिल थे, ने इस मामले में रेलवे को दंडित किया। नतीजतन, रेलवे को शिकायतकर्ता को ब्याज समेत 1.96 लाख रुपए देने का निर्देश दिया गया।
रेलवे को 1.96 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश
इस मामले में रेलवे को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया। पैनल ने इस बात पर जोर दिया कि लोग आरामदायक यात्रा के लिए काफी पहले से रेलवे टिकट बुक करते हैं और ऐसी स्थिति का सामना करना जहां उन्हें कन्फर्म टिकट होने के बावजूद बिना सीट के लंबी दूरी तय करनी पड़े, अकल्पनीय रूप से चुनौतीपूर्ण है। पैनल ने इसे रेलवे अधिकारियों की ओर से लापरवाही का स्पष्ट मामला माना। मुआवजे में बुजुर्ग व्यक्ति को हुई असुविधा के साथ-साथ कानूनी खर्च भी शामिल है।
रेलवे ने दी ये दलील
अदालती कार्यवाही में रेलवे ने दलील दी कि बुजुर्ग व्यक्ति ने 3 जनवरी 2008 को बिहार के दरभंगा से दिल्ली के लिए स्लीपर क्लास का टिकट आरक्षित कराया था। बुजुर्ग व्यक्ति को यह यात्रा 19 फरवरी 2008 को करनी थी। इस बीच रेलवे ने बुजुर्ग व्यक्ति की सीट को एसी कोच में अपग्रेड कर दिया था। फिर भी रेलवे पैनल को यह सबूत नहीं दे सका कि उन्होंने बुजुर्ग व्यक्ति को सीट अपग्रेड के बारे में सूचित किया था।
‘खड़े-खड़े 1200 किमी का सफर’
बुजुर्ग व्यक्ति ने अपनी आपबीती सुनाई। पैनल को दी गई अपनी शिकायत में बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि टिकट बुकिंग के दौरान उन्हें कोच एस4 में सीट नंबर 69 दी गई थी। 19 फरवरी 2008 को वे समय पर दरभंगा स्टेशन पहुंचे और कोच एस4 में चढ़े। पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी निर्धारित सीट पर कोई दूसरा व्यक्ति बैठा है। छपरा स्टेशन पर कोच बी1 में पहुंचने पर उन्हें पता चला कि टीटीई ने यह सीट किसी और को दे दी है। इस मुद्दे पर उनके और टीटीई के बीच मतभेद हो गया। रेलवे ने पैनल के सामने दलील दी कि यात्री समय पर सीट पर नहीं पहुंचा था, इसलिए बढ़ा हुआ किराया लेकर सीट दूसरे यात्री को दे दी गई।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराMay 24, 2026सारण में पोखरे में डूबने से छात्र की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर हंगामा
क्राइमMay 24, 2026Robbery in Saran: सारण में दिनदहाड़े 18 लाख की लूट, हथियारबंद बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी को बनाया निशाना
क्राइमMay 24, 2026Crime News Saran: ‘हम CBI से हैं…’ कहकर रोकी गाड़ी, फिर कट्टे के बल पर करोड़ों की लूट जैसी वारदात
करियर – शिक्षाMay 24, 2026BPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी: मुफ्त में मिलेगी आवासीय कोचिंग की सुविधा






