Model School:सारण में 64 भूमिहीन विद्यालयों को मिलेगी जमीन, 50 मॉडल स्कूल बनेगा
जिलाधिकारी ने भूमिहीन स्कूलों की जमीन चिन्हित करने का दिया आदेश

छपरा। जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने को लेकर जिलाधिकारी अमन समीर ने शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा की। बैठक में विद्यालयों की आधारभूत चुनौतियों, शिक्षकों की समस्याओं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की स्थिति और विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग की सभी प्राथमिकताओं पर समयबद्ध और परिणाम आधारित कार्रवाई अनिवार्य है।
भूमिहीन विद्यालयों को प्राथमिकता
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिले में 64 भूमिहीन विद्यालय संचालित हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी विद्यालयों के लिए जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया कि वे संबंधित अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों के साथ समन्वय बनाते हुए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
जिन भवनहीन विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों से टैग किया गया है, वहाँ यदि अतिरिक्त भूमि उपलब्ध है तो उसी परिसर में अलग भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
केजीबीवी निरीक्षण अनिवार्य, संचालन में सुधार का निर्देश
सभी बीईओ को प्रत्येक माह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) का निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, डीपीओ को भी नियमित भ्रमण कर विद्यालयों में अनुशासन, संचालन और छात्राओं की व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
जिले में 40–50 मॉडल विद्यालय विकसित किए जाएंगे
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रखंड में कुछ विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। जिले में कुल 40-50 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में चयनित करने का निर्देश दिया गया है।
इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा होगी। जहाँ विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ कक्षाएँ ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी। इसके लिए ” सारण-गुरु ” प्लेटफॉर्म को उपयोग में लाया जाएगा।
टैब एक्टिवेट करने का आदेश
जिले के सभी विद्यालयों को टैब उपलब्ध कराए जा चुके हैं प्रत्येक हाई स्कूल में 3 टैब, प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 2 टैब सभी इन उपकरणों को तत्काल एक्टिवेट कराने का निर्देश दिया गया ताकि डिजिटल शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
अनुकम्पा नियुक्ति 30 दिन में पूरी हो
जिलाधिकारी ने शिक्षकों और कर्मियों के वेतन, पेंशन और सेवांत लाभ का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही, अनुकम्पा आधारित नियुक्ति के मामलों को 30 दिनों के अंदर पूरा कर नियुक्ति पत्र निर्गत करने को कहा गया। योग्य मामलों में प्रोन्नति की कार्रवाई भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निर्देशों पर कठोर निगरानी होगी और विलंब पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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