छपरा। सारण जिले में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों और गैस एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाना एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
जिले में गैस की कोई कमी नहीं
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान बताया कि सारण जिले में रसोई गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। प्रतिदिन की औसत खपत से अधिक सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है, जिससे किसी प्रकार की किल्लत की स्थिति नहीं है। साथ ही जिले में पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
गैस वितरण व्यवस्था को और सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया कि वे अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी के माध्यम से ही उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाएं। इसके लिए जरूरत के अनुसार डिलीवरी वाहनों और मैनपावर की संख्या बढ़ाने को कहा गया है, ताकि वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने गैस डिलीवरी में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई और वर्तमान औसत प्रतीक्षा समय 4.6 दिनों को कम करने का स्पष्ट निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलना सुनिश्चित किया जाए।
इन नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत
जिला आपूर्ति नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए बताया गया कि सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संचालित इस नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या 06152-245023/245026) में अब तक कुल 939 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 917 का सफलतापूर्वक निष्पादन कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष शिकायतों के भी शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए।
गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। इस संबंध में अब तक 12 प्राथमिकियां दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि गैस वितरण में व्यवधान उत्पन्न करने के एक मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार में तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध हो सके।
इस बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, मार्केटिंग ऑफिसर तथा इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।