
Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana: सिंचाई की लागत कम करने और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी के उद्देश्य से बिहार का कृषि विभाग ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म) के तहत पात्र किसानों को 45 से 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इच्छुक किसान बिहार कृषि ऐप या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना में क्या-क्या शामिल है?
इस योजना के अंतर्गत दो प्रमुख घटक हैं। पहला है सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, जिसमें टपकन (ड्रिप) सिंचाई, मिनी या माइक्रो स्प्रिंकलर तथा पोर्टेबल स्प्रिंकलर से सिंचाई शामिल है। दूसरा घटक है अन्य हस्तक्षेप, जिसके तहत निजी नलकूप, कुआं और तालाब जैसे जल स्रोतों का विकास किया जाता है।
किसे मिलेगा कितना अनुदान?
ड्रिप सिंचाई पद्धति के अंतर्गत:
| किसान की श्रेणी | अनुदान प्रतिशत |
|---|---|
| लघु एवं सीमांत किसान | 80% |
| अन्य कृषक | 70% |
| एफआरए पट्टाधारक कृषक | 90% |
पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति के अंतर्गत:
| किसान की श्रेणी | अनुदान प्रतिशत |
|---|---|
| लघु एवं सीमांत किसान | 55% |
| अन्य कृषक | 45% |
अनुदान की भूमि सीमा:
ड्रिप सिंचाई के लिए न्यूनतम 0.5 एकड़ से अधिकतम 12.5 एकड़ तक और पोर्टेबल स्प्रिंकलर के लिए न्यूनतम 1 एकड़ से अधिकतम 5 एकड़ तक अनुदान देय है। जो किसान पहले इस योजना का लाभ ले चुके हैं, वे 7 वर्ष बाद पुनः आवेदन कर सकते हैं। छोटे किसान समूह बनाकर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
आधुनिक सिंचाई तकनीक के क्या फायदे हैं?
ड्रिप सिंचाई प्रणाली में विशेष रूप से निर्मित प्लास्टिक पाइपों के ज़रिए कम समय अंतराल पर पौधों की जड़ों तक सीधे पानी पहुँचाया जाता है, जिससे जल की बर्बादी लगभग नगण्य होती है। इस तकनीक को अपनाने के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- जल की बचत: पारंपरिक सिंचाई की तुलना में 60 प्रतिशत कम पानी की खपत होती है, जो जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।
- उर्वरक की बचत: किसान 25 से 30 प्रतिशत तक उर्वरक की बचत कर सकते हैं, जिससे खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आती है।
- उत्पादकता में वृद्धि: इस सिंचाई प्रणाली को अपनाने से फसल की उत्पादकता में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है और उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
इस योजना में ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई और रेनगन सिंचाई — तीनों आधुनिक पद्धतियाँ शामिल हैं।
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक किसान बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कर या कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अनुदान की स्वीकृत राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ सीमित समय के लिए उपलब्ध है, इसलिए किसान जल्द से जल्द आवेदन करें।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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