छपरा

अब हाइटेक टेक्नोलॉजी से लैस हुई आशा कार्यकर्ता, घर-घर जाकर बनाएंगी आयुष्मान कार्ड

  • मोबाइल एप के माध्यम से घर पर हीं बनेगा आयुष्मान कार्ड
  • 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ
  • स्वास्थ्य केंद्रों पर डिजिटल काउंटर पर भी बनाया जायेगा कार्ड

छपरा। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण करने की दिशा में कई पहल की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मजबूत कड़ी और समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को धरातल पर पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भी अब डिजिटल रूप से मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अब आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर आयुष्मान के लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी।

एम-आशा मोबाइल एप्लिकेशन में यह सुविधा प्रदान की गयी है कि आशा कार्यकर्ता भी अब आयुष्मान कार्ड बना सकती है। इसका उद्देश्य है कि जो 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों का शत-प्रतिशत कार्ड बनाया जाये। इसके साथ हीं उस घर में जितने भी लाभार्थी होंगे उनका भी घर पर आशा कार्यकर्ता के द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा। इसके लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ हीं यूजर आईडी और पासवर्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है।

डिजिटल काउंटर भी स्थापित किए गए:

आयुष्मान भारत के डीपीसी नीरज कुमार ने बताया कि यह अभियान जिले में विशेष रूप से चलाया जा रहा है, ताकि शत-प्रतिशत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों का आयुष्मान कार्ड तैयार किया जा सके। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य केंद्रों पर डिजिटल काउंटर भी स्थापित किए गए हैं, जहां पर भी आयुष्मान कार्ड बनवाने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि डिजिटल माध्यम से लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। आशा कार्यकर्ताओं का यह कदम समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य योजना से जोड़ने में मददगार साबित होगा।

5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा:

सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित गरीबों को पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इस योजना के तहत चयनित सरकारी एवं निजी अस्पतालों में गरीबों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। जिले में 10 दिसंबर तक कार्ड बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 70 वर्ष से ऊपर के लोगों का कार्ड बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। आशा कार्यकर्ता को अधिकृत किए जाने से कार्ड बनाने के कार्य में तेजी आएगी। आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के चयनित लाभुकों का प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनाएगी।

घर बैठे खुद से बना सकते है आयुष्मान कार्ड:

आयुष्मान भारत के आईटी मैनेजर अभिनय कुमार ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अब लाइन लगाने की जरूरत नहीं है अब घर बैठे मोबाइल से आप स्वयं आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए मोबाइल के प्ले स्टोर से आयुष्मान एप डाउनलोड करें या गूगल से https://beneficiary.nha.gov.in से क्लिक कर लॉगिंन करें,

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उसके बाद आयुष्मान ऐप में लॉगिन पर जाए Beficiary विकल्प चुनें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी डालकर लॉगिन करें।उसके बाद एप में जो जानकारी मांगी जा रही है उसको भरना होगा और राशन कार्ड का नंबर दर्ज करना होगा. उसके बाद इसमें दिखेगा कि जिन सदस्यों का नाम हरा रंग में होगा उनका आयुष्मान कार्ड बन चुका है और जिन सदस्यों का नाम नारंगी रंग में होगा उनका कार्ड नहीं बना है।

उनके नाम के सामने Do e- KYC विकल्प प्रदर्शित होगा। इस विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद (authentication) सत्यापन के लिए 4 विकल्प प्रदर्शित करने होंगे। जिसमे Aadhar OTP, Finger Prints, Iris Scan, Face auth ये सभी ऑप्शन को सबमिट करना होगा। यदि आधार कार्ड में Link मोबाइल नंबर है तो Adhar OTP का चयन करें. लिंक नहीं होने पर Face auth. विकल्प का चयन करें। Aadhaar authentication के बाद फोटो कैप्चर पर क्लिक करना होगा जिसमे जिनका कार्ड बनाना है उसका फोटो खींचकर अपलोड करना होगा.

इसके बाद अपना पता और मोबाईल नंबर जानकारी डालकर सबमिट करना होगा। अब आपकी e- KYC पूरी हो गई है. जिसके बाद आपकी पात्रता की जांच की जाएगी, ये KYC ऑटो अप्रूवल हो जाएगा। जिसके बाद आप आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। अगर ऑटो अप्रूवल नहीं होगा तो 5 से 7 दिन तक इंतजार करें उसके बाद आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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