
पटना। नेपाल में हाल ही में ‘Zen Z’ द्वारा आंदोलन और जेल तोड़कर भागने जैसी घटनाओं के बाद बिहार सरकार सतर्क हो गई है। संभावित सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में नेपाल सीमा से सटे सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) जुड़े। बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) कुंदन कृष्णन, गृह विभाग के वरीय अधिकारी तथा सभी प्रमंडलीय आयुक्त भी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा पार से बिहार में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी जांच हो। बिना गहन पड़ताल के किसी को प्रवेश न दिया जाए। राज्य के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, जैसे—पुल, रेलवे स्टेशन, पावर प्लांट और अन्य आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा बढ़ाई जाए। सीमावर्ती इलाकों में गश्त और खुफिया निगरानी और मजबूत की जाए।
श्री अमृत ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी सीधे उनसे या पुलिस महानिदेशक से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि त्वरित निर्णय लेने और समय पर कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नेपाल में हाल की घटनाओं के संभावित असर से बिहार को सुरक्षित रखना और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 16, 2026क्राइमChhapra Crime News: सारण में हुई रोहित हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
- August 16, 2026बिहारSmart Meter Rollout: बिहार में 1.30 करोड़ और उपभोक्ताओं के घर लगेगा स्मार्ट प्रीपेड मीटर
- August 15, 2026क्राइमसारण में बोलबम की आड़ में अंतरजिला शराब तस्करी का भंडाफोड़, लाखों की अंग्रेजी शराब के साथ 8 गिरफ्तार
- August 15, 2026छपराट्रायल में ही फेल हुआ रिविलगंज का विद्युत शवदाह गृह, करोड़ों की योजना, पहला टेस्ट में ही फेल



