Intermodal terminal built in Saran, national and international trade will get a boost

सारण में बना बना इंटरमॉडल टर्मिनल, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

छपरा बिहार

छपरा। सारण जिले में गंगा नदी के उत्तरी तट पर महत्वपूर्ण रूप से स्थित कालूघाट, क्षेत्र के परिवहन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 तक अपनी सीधी पहुंच के साथ, टर्मिनल कार्गो आवाजाही के लिए, विशेष रूप से रक्सौल और उत्तरी बिहार के भीतरी इलाकों के माध्यम से नेपाल जाने वाले शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क के रूप में कार्य करता है। 82.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस टर्मिनल के बुनियादी ढांचे में वार्षिक 77,000 टीईयू की क्षमता के साथ 125 मीटर x 30 मीटर बर्थ शामिल है। कालूघाट टर्मिनल का राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 के साथ सीधा सड़क संपर्क होगा और यह उत्तरी बिहार के भीतरी इलाकों से आने वाले या गंतव्य के लिए जाने वाले कार्गो के परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान पर है।

“पिछले 10 वर्षों में, राष्ट्रीय जलमार्गों पर चार मल्टी-मॉडल टर्मिनल विकसित किए गए हैं जिनमें एमएमटी वाराणसी, साहिबगंज, हल्दिया और कालूघाट शामिल हैं। हमारे तीन पड़ोसी देश, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जलमार्ग से जुड़ गए हैं जिससे क्षेत्रीय व्यापार में वृद्धि हुई है। 86 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से माल और यात्रियों के बेहतर और सुगम परिवहन के माध्यम से बिहार के नदी समुदाय में सर्वांगीण आर्थिक समृद्धि आएगी।”
इसके अलावा, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-37 के माध्यम से नेपाल और भारत को जोड़ने के लिए गंडक नदी पर मंगलपुर और बेतिया में फ्लोटिंग पोंटून घाट स्थापित किए गए हैं, जो 3.33 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुआ है। ये घाट विभिन्न वस्तुओं के उत्पादकों के लिए बाजार तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक आदान-प्रदान और विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘ये परियोजनाएं बिहार के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं और समावेशी विकास के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों की क्षमता का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।’