छपरा में दहेज की बलि चढ़ी पूर्व मुखिया की बेटी, अब तक न पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिला न आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

छपरा

छपरा। मंहगाई के दौर में हर चीज मंहगी हो गई लेकिन सस्ता सिर्फ आदमी का जान ही है। जिले में हर दिन एक या दो लोगों की हत्या आम बात बन चुकी है। पुलिस की कार्रवाई भी न के बराबर है। लिहाजा क्राइम अनकंट्रोल है। इसमें सबसे अधिक हत्याएं विवाहिता की है। दहेज की बलिवेदी पर हर तीसरे दिन एक बेटी चढ़ रही है। एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा और बेटी-बहुओं की हत्या का अनवरत सिलसिला। पुलिस को इस विवाहिता के हत्या की आंकड़ों पर गौर फरमाने की जरूरत है। आखिर सिस्टम की कौन सी कमजोरी इसमें बाधक बन रही है। किस स्तर पर कार्रवाई में कमी हो रही है। पुलिस भी जांच के नाम की सिर्फ लकीरें पीट रही है।

आठ मार्च को मांझी थाना क्षेत्र के नचाप गांव में आमढ़ाढ़ी पंचायत के पूर्व मुखिया आेमप्रकाश सिंह के पुत्री के ससुराल वालों ने फंदा लगाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पति समेत,सास-सुसर और चाचा-चाची को आरोपित किया गया था। अभी तक पुलिस ने सिर्फ पति को ही गिरफ्तार की है। परिजनों ने पुलिस के कप्तान से लेकर सूबे के मुखिया तक से गुहार लगाया है और आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाये। पुलिस सिर्फ आरोपी पति को ही गिरफ्तार की है। मुखिया की पुत्री हत्या मामले में न पीएम रिपोर्ट न ही शेष आरोपियों की गिरफ्तारी आठ मार्च को मांझी थाना क्षेत्र के नचाप गांव में आमढ़ाढ़ी पंचायत के पूर्व मुखिया आेमप्रकाश सिंह के पुत्री के ससुराल वालों ने फंदा लगाकर हत्या कर दी थी।

पूर्व मुखिया ने डीआईजी से लेकर डीजीपी तक को दिये गये आवेदन में कहा है कि पुलिस की कार्रवाई धीमी है। गिरफ्तारी के नाम पर सिर्फ छापेमारी का कोरम पूरा किया जा रहा है। वहीं इस मामले में आज तक मेडिकल रिपोर्ट तक नहीं दिया गया है। पोस्टमार्टम हाउस से बताया जा रहा है कि पुलिस नहीं ले जा रही और पुलिस विभाग कह रहा है कि अब तक तैयार कर मेडिकल रिपोर्ट नहीं दिया गया है। इस मामले में सिर्फ एक आरोपी पति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिता-माता और चाचा-चाची किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।