कच्चे चावल खाने से भी होता है पेट में दर्द: डा रितेश

छपरा:कच्चे चावल खाने से भी होता है पेट में दर्द छपरा देव रक्षित डायग्नोस्टिक एवं इमेजिंग सेंटर के संचालक डॉ रितेश कुमार रवि ने बताया कि चावल एक ऐसा अनाज है, जिसका इस्तेमाल दुनियाभर में सबसे ज़्यादा किया जाता है। खासतौर पर भारत में चावल काफी पसंद किए जाते हैं। फिर चाहे दाल-चावल हों, पुलाव या फिर खिचड़ी, चावल किसी न किसी तरह हम सबकी डाइट का हिस्सा बने रहते हैं। चावल भी कई तरह के होते हैं, सफेद के अलावा आपने ब्राउन राइस देखें होंगे, जिन्हें ज़्यादा सेहतमंद भी माना जाता है। इसकी वजह है कि सफेद चावलों में ब्राउन की तुलना पोषक तत्व कम होते हैं।

पोषण का ख़जाना चावल
ऐसी धारणा है कि चावल से वज़न बढ़ता है, इसलिए लोग रोटी खाना ज़्यादा पसंद करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि चावल पोषक तत्वों का ख़ज़ाना होता है। इसमें कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। साथ ही नियासिन, विटामिन-डी, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, थायमीन और राइबोफ्लेविन की भी पर्याप्त मात्रा होती है। वहीं, ब्राउन राइस की बात करें, तो इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिंस पाए जाते हैं।
कच्चे चावल से नुकसान
कई बार चावल पकाते वक्त वे हल्के से कच्चे रह जाते हैं। अगर कभी ऐसा हो तो सुनिश्चित करें कि चावल पूरी तरह से पक जाएं, क्योंकि इन्हें हल्का-सा भी कच्चा खाने से आपको कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है। आइए जानें कच्चे चावल खाने के क्या नुकसान होते हैं?

फूड पॉइज़निंग
कई बार कच्चे चावल खाने से फूड पॉइज़निंग भी हो जाती है। कच्चे चावलों में बी सिरस यानी बैसिलस सिरस नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है, जो शरीर में फूड पॉइज़निंग कर सकता है।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दिक्कतें
कच्चे चावलों में कुछ ऐसे योगिक होते हैं, जो पेट की दिक्कतों को जन्म दे सकते हैं। इसमें लेक्टिन नामक प्रोटीन पाया जाता है, जो प्राकृतिक कीटनाशक और एंटीन्यूट्रिएंट्स के रूप में भी काम करता है।
पथरी
आपको यह जानकर हैरानी होगी, लेकिन कच्चे चावल खाने से पथरी की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही जिन लोगों को पहले से पथरी है, उनको नुकसान पहुंच सकता है।
एनर्जी की कमी
कच्चे चावलों को खाने से आपको आलस की समस्या भी शुरू हो सकती है। कच्चे चावलों का सेवन करने से शरीर में थकान, एनर्जी की कमी आदि जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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