
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में दवा व्यापार को अधिक पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में दवा लाइसेंस के लिए ‘वन नेशन, वन ड्रग लाइसेंसिंग सिस्टम’ (ONDLS) लागू कर दिया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन पर आधारित है और इसमें लाइसेंस प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी।
✔️ क्या है नया सिस्टम?
अब दवा लाइसेंस के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन मोड में होगा। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
प्रारंभिक जांच राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा की जाएगी।
फिर आवेदन औषधि निरीक्षक को भेजा जाएगा, जो दुकान का भौतिक सत्यापन करेंगे।
इसके बाद आवेदन उप औषधि नियंत्रक को जाएगा, जो तकनीकी मूल्यांकन करेंगे।
अंत में, जिला लाइसेंसिंग पदाधिकारी लाइसेंस जारी करेंगे।
यह पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी, जिससे आवेदनकर्ताओं को समय पर निर्णय मिल सके।
🧾 रिकॉर्डिंग और निगरानी
प्रक्रिया की हर स्टेज की जानकारी सिस्टम में दर्ज होगी और उच्चाधिकारी कभी भी इसकी जांच कर सकेंगे। इससे अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
🩺 आयुष और होम्योपैथी भी शामिल
सिर्फ एलोपैथी ही नहीं, बल्कि आयुष और होम्योपैथी दवाओं के लाइसेंस भी अब इसी प्रणाली के तहत जारी किए जाएंगे।
📊 बनेगा राष्ट्रीय डेटा
नई प्रणाली से राज्य के सभी दवा दुकानों का डेटा केंद्र के पास रहेगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी और नियमन में मदद मिलेगी।
📚 प्रशिक्षण और तैयारी
पटना के सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को गया में प्रशिक्षण दिया गया है। नई प्रक्रिया भले ही जटिल हो, लेकिन यह भ्रष्टाचार मुक्त और पूरी तरह ट्रैक करने योग्य है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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