मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के तहत 107 लाभुकों को DM ने दिया चयन पत्र, मिलेगा 5 लाख का अनुदान

छपरा

छपरा : सारण के जिलाधिकारी अमन समीर के द्वारा बताया गया कि राज्य में प्रखंडों एवं सुदूर पंचायतों को जिला मुख्यालय से जोड़ने एवं आमजनों को परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के उदेश्य से परिवहन विभाग, बिहार पटना द्वारा मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना की शुरुआत की गई है। जिला पदाधिकारी के द्वारा कार्यालय कक्ष में परिवहन विभाग के तत्वाधान में मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के तहत सदर प्रखंड को छोड़कर सभी प्रखंडों से चयनित कुल 107 लाभुकों को बस/ मिनी बस की खरीद पर 5 लाख की राशि अनुदान देने हेतु चयन पत्र का वितरण किया गया।

जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया कि “मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना” के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रथम चरण के तहत चयन पत्र का वितरण किया जा रहा है।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा अनुदान की राशि आवेदन प्राप्ति के सात दिनों के अंदर लाभुकों के बैंक खाता में सी.एफ.एम.एस के माध्यम से भेज दिया जाएगा। जिलाधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत जिला मुख्यालय के प्रखंड छपरा सदर को छोड़कर जिला के शेष 19 प्रखंडों में इस योजना का लाभ दिया गया है।

प्रति प्रखंड अधिकतम सात लाभुकों को बस के क्रय पर अनुदान का लाभ दिया गया है। इसके अंतर्गत लाभुक को प्रति बस 5,00,000/- (पाँच लाख) रू० अनुदान का भुगतान जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा सी.एफ.एम.एस के माध्यम से लाभुक के खाते में किया जाएगा। परिवहन विभाग के निदेशानुसार एक प्रखंड में कुल सात लोग इसे लाभांवित हो रहे हैं। इनमें अनुसूचित जाति के कुल दो, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के कुल दो, पिछड़ा वर्ग के एक, अल्पसंख्यक समुदाय से एक तथा सामान्य वर्ग से एक व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं। (सामान्य वे जो उक्त किसी कोटि में नहीं आते हो) सात से ज्यादा लाभुकों को अनुदान का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

जिस प्रखंड में अनुसूचित जनजाति की संख्या 1000 से ज्यादा होगी उस प्रखंड में 1 अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति के कोटि में भी योजना का लाभ दिया जाएगा। जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी के सहयोग से प्रखंड स्तर पर बस के क्रय हेतु आमजनों के बीच जागरूकता लाने के उद्देश्य से वाहन मेला का आयोजन प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा किया गया। बताया गया कि इस योजना से लाभुकों को यथोचित वाहन के चयन तथा उसके वित्त पोषण कार्य में सहजता आएगी।