बुडको की कार्यशैली ने छपरा को संकट में डाला’: मेयर ने सांसद रूडी और विभाग को लिखा पत्र, 50 से अधिक निर्माण कार्यों की जांच की मांग
सांसद राजीव प्रताप रूडी और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को लिखा पत्र

छपरा। छपरा नगर निगम क्षेत्र में बुडको (BUDCO) द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। नगर निगम के मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने शहर में जलजमाव की गंभीर होती समस्या और कथित घटिया निर्माण कार्यों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजा है।
पत्र में उन्होंने बुडको द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
छपरा में घटिया नाला निर्माण पर चला बुलडोजर, DM ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का दिया आदेश
मेयर ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के कई इलाकों में जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। इसका प्रमुख कारण घटिया गुणवत्ता, अधूरे निर्माण कार्य और तकनीकी मानकों की अनदेखी है।
50 से अधिक स्थानों पर गड़बड़ियों का लगाया आरोप
मेयर ने अपने पत्र में दावा किया है कि नगर निगम क्षेत्र में 50 से अधिक स्थानों पर नाला निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने प्रत्येक स्थान का उल्लेख करते हुए निर्माण कार्य की कमियों का विस्तृत विवरण भी विभाग को उपलब्ध कराया है। उनका कहना है कि कई जगहों पर नालों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जबकि कई स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। इससे बरसात के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो गई है।
मुख्य नालों से नहीं जुड़ पा रहे मोहल्लों के नाले
मेयर ने पत्र में उल्लेख किया है कि श्यामचक से दारोगा राय चौक तथा थाना चौक के बीच नाला निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके कारण आसपास के मोहल्लों के नालों का पानी मुख्य नाले तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर नालों के बीच जानबूझकर गैप छोड़ दिया गया है, जिससे जलनिकासी की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
चार लाख आबादी झेल रही परेशानी
मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कहा कि बुडको की कार्यशैली के कारण शहर की लगभग चार लाख आबादी प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुर, दारोगा राय चौक, बस स्टैंड रोड, नगरपालिका चौक, कचहरी स्टेशन रोड, थाना चौक, डाक बंगला रोड, साहेबगंज रोड, मौना, सरकारी बाजार, गांधी चौक, तेलपा, नेहरू चौक रोड और भिखारी चौक जैसे व्यस्त एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या लगातार बढ़ रही है। इन इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां भी बड़े पैमाने पर होती हैं, लेकिन अधूरे एवं खराब निर्माण कार्य के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ सुधार
मेयर ने कहा कि निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं की शिकायत कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों के समक्ष रखी गई, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में न तो उचित प्लानिंग दिखाई देती है और न ही तकनीकी मानकों का पालन किया गया है। बरसात के दौरान इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
स्लैब की ऊंचाई भी मानकों के अनुरूप नहीं
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई स्थानों पर नालों के ऊपर लगाए गए स्लैब की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। कहीं स्लैब सड़क से अधिक ऊंचे हैं तो कहीं काफी नीचे हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है और आम लोगों को आवाजाही में भी कठिनाई होती है।
खनुआ नाला निर्माण पर भी उठाए सवाल
मेयर ने नमामि गंगे परियोजना के तहत बन रहे ऐतिहासिक खनुआ नाला के निर्माण कार्य पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खनुआ नाला शहर की जलनिकासी की जीवनरेखा (लाइफलाइन) माना जाता है। शहर के अधिकांश वार्डों का पानी इसी नाले के माध्यम से बाहर निकलता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और गुणवत्ता को लेकर भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मेयर के अनुसार, सरकारी बाजार, नगरपालिका चौक, सुधा पार्लर, बी सेमिनरी स्कूल, डॉ. रेणु कश्यप क्लीनिक, रुद्र होटल, जगदम कॉलेज सहित कई क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले इस नाले का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
सलेमपुर-शिल्पी चौक परियोजना में भी अनियमितता का आरोप
मेयर ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत सलेमपुर से शिल्पी चौक तक बनाए गए नाला एवं सड़क निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं नाले की ऊंचाई अधिक रखी गई है तो कहीं कम। कई स्थानों पर नाले का ढलान भी वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाया गया है, जिससे भविष्य में जलनिकासी प्रभावित होने की आशंका है।
सांसद से मांगा सहयोग
मेयर ने सांसद राजीव प्रताप रूडी से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर शहरवासियों के हित में आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद के प्रयास से विभाग स्तर पर त्वरित जांच होगी और दोषी एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में जलजमाव की समस्या और अधिक विकराल रूप ले सकती है, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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