सारण के मांझी में बनेगा अटल स्मृति पार्क! सासंद सिग्रीवाल ने रेलवे से की मांग
घाघरा तट पर अटल की यादों को मिलेगा नया आयाम

छपरा। सारण की धरती पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को स्थायी पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर के साथ आयोजित सांसदों की बैठक में महाराजगंज (बिहार) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने मांझी स्थित घाघरा नदी के किनारे रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर ‘अटल स्मृति पार्क’ विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर पहले से ही अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित है, उसे एक विकसित स्मृति स्थल के रूप में तैयार कर क्षेत्र को नई पहचान दी जा सकती है।
अटल स्मृति पार्क के रूप में विकसित किया जाये
वाराणसी मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के भारतेंदु सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सांसद सिग्रीवाल ने कहा कि मांझी का यह स्थल ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। घाघरा नदी के तट पर स्थित इस स्थान को यदि अटल स्मृति पार्क के रूप में विकसित किया जाता है तो यह न केवल पूर्व प्रधानमंत्री को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्क में आकर्षक सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, हरित क्षेत्र तथा अटल जी के जीवन और योगदान को प्रदर्शित करने वाली संरचनाएं विकसित की जाएं।
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बैठक में सांसद सिग्रीवाल ने क्षेत्र की रेल सुविधाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए। उन्होंने एकमा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए प्लेटफार्म संख्या-2 को और बेहतर तरीके से विकसित करने की मांग की। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से स्टेशन के लिए नई प्रवेश व्यवस्था तथा अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलने का सुझाव दिया, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
डेमू और मेमू ट्रेन चलाने की मांग
यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सांसद ने छपरा से पटना तथा सीवान से थावे वाया महाराजगंज नई डेमू और मेमू ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इन रेल सेवाओं के शुरू होने से दैनिक यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यवसायियों को काफी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त छपरा से लखनऊ के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच तेज एवं आधुनिक रेल संपर्क स्थापित होगा।
अंडरपासों में जल जमाव का मुद्दा उठाया
सांसद सिग्रीवाल ने छपरा-सीवान रेलखंड पर बने अंडरपासों में बरसात के दौरान होने वाले जलजमाव की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना आवश्यक है। इसके साथ ही चैनवा स्टेशन पर कोचिंग यार्ड निर्माण का प्रस्ताव रखते हुए उन्होंने कहा कि इससे परिचालन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा क्षेत्रीय रेल विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन, मुख्यालय के प्रमुख विभागाध्यक्षों एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने सांसदों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना। रेलवे अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई और व्यवहारिकता के आधार पर आगे की प्रक्रिया बढ़ाने का आश्वासन दिया।
अटल स्मृति पार्क का प्रस्ताव बैठक का सबसे आकर्षक और चर्चा का विषय रहा। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है तो मांझी का घाघरा तट न केवल एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।
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