Baby Adoption: सारण के 3 अनाथ मासूमों को मिली ममता की छांव, नि:संतान दंपत्तियों ने लिया गोद
सारण में संचालित है विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान

छपरा। जीवन की आपाधापी और निःसंतानता की पीड़ा झेल रहे आकांक्षी दंपत्तियों के लिए सोमवार का दिन उम्मीदों से भरा और बेहद खास रहा। सारण जिला प्रशासन की पहल और समर्पण के चलते तीन शिशुओं को कानूनी रूप से उनके नए माता-पिता मिल गए। जिलाधिकारी अमन समीर ने अपने कार्यालय में विधिवत रूप से तीन शिशुओं को उनके दत्तकग्राही माता-पिता को सौंपते हुए अंतिम प्रक्रिया को पूरा किया।
जैसे ही बच्चों को गोद में लिया गया, नए माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। भाव-विभोर इन दंपतियों ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग का दिल से आभार जताया।
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तीनों शिशुओं को भारत के विभिन्न राज्यों से आए दंपत्तियों ने गोद लिया
बताया गया कि इन तीनों शिशुओं को भारत के विभिन्न राज्यों से आए दंपत्तियों ने गोद लिया है। इच्छुक दंपत्तियों ने केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के पोर्टल carings.wcd.gov.in पर आवेदन किया था। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलाधिकारी द्वारा अंतिम रूप से बच्चों को सौंपा गया। यह पूरी प्रक्रिया विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, सारण के माध्यम से संचालित की गई, जो जिला बाल संरक्षण इकाई के अधीन कार्य करता है। संस्थान में बच्चों को सुरक्षा और प्रेमपूर्ण वातावरण में रखा जाता है।
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सारण में संचालित है विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान
ज्ञात हो कि समाज कल्याण विभाग अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, सारण के माध्यम से बच्चें को दत्तक ग्रहण की कार्रवाई की जाती है। संस्थान में चिल्ड्रेन इन नीड ऑफ केयर एंड प्रोटेक्शन वाले बच्चों की पूरी सुरक्षा और सुविधाओं के बीच रखकर उनका भरपूर पालन पोषण किया जाता है। इस अवसर पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल संरक्षण पदाधिकारी, समन्वयक आदि उपस्थित थे।
जानिए बच्चे गोद लेने के लिए क्या है नियम
कोई भी ऐसा दंपत्ति जिसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति सुदृढ़ हो, बच्चा गोद लेने के लिए पात्र हो सकता है। यदि उन्होंने कम से कम दो वर्ष का स्थिर वैवाहिक जीवन व्यतीत किया हो तथा दत्तक ग्रहण के लिए दोनों की आपसी सहमति जरूरी है। अलग-अलग उम्र वाले दंपत्ति के लिए अलग-अलग उम्र के बच्चे की पात्रता होती है। बच्चा गोद लेने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के वेबसाईट carings.wcd.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। जाँच के बाद बच्चा गोद लेने के पात्र माता-पिता को बच्चा गोद दिया जाता है।
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एक पुरूष अभिभावक को सिर्फ लड़का दिया जाता है गोद
एकल पुरूष अभिभावक को केवल लड़का गोद दिया जा सकता है, जबकि एकल महिला लड़का एवं लड़की दोनों को गादे ले सकती है। दो संतान वाले दंपत्ति सामान्य बालक के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र नहीं है। वह सिर्फ विशेष आवश्यकता वाले बालकों को ही दत्तक ग्रहण कर सकते हैं। देश में किसी अन्य माध्यम से बच्चा गोद लेना और देना कानूनी अपराध है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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