बिहार में जमीन मापी कराना हुआ महंगा, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शुल्क लगभग दोगुना
अब ऑनलाइन आवेदन के साथ अधिक शुल्क चुकाना होगा

पटना। बिहार में जमीन की मापी कराने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। राज्य सरकार ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जमीन मापी की दरों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। नई दरें लागू होने के बाद सामान्य और तत्काल दोनों प्रकार की जमीन मापी के लिए लोगों को पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ती प्रशासनिक आवश्यकताओं और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मापी शुल्क में संशोधन किया गया है। जमीन मालिक अब ऑनलाइन माध्यम से भी मापी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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शहरी क्षेत्रों में नई दरें लागू
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थित रैयती भूमि की सामान्य मापी के लिए अब प्रति खेसरा 2,000 रुपये शुल्क देना होगा। अधिकतम शुल्क की सीमा 8,000 रुपये निर्धारित की गई है।
वहीं, तत्काल मापी कराने वाले आवेदकों को प्रति खेसरा 4,000 रुपये तथा अधिकतम 16,000 रुपये शुल्क देना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ा शुल्क
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की सामान्य मापी के लिए प्रति खेसरा 1,000 रुपये तथा अधिकतम 4,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 2,000 रुपये और अधिकतम 8,000 रुपये शुल्क देना होगा।
पहले क्या थी दरें?
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इससे पहले शहरी क्षेत्रों में सामान्य मापी के लिए प्रति खेसरा 1,000 रुपये और अधिकतम 4,000 रुपये शुल्क निर्धारित था। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा तथा अधिकतम 1,000 रुपये था। नई व्यवस्था में इन दरों को लगभग दोगुना कर दिया गया है।
पुरानी और नई दरों की तुलना
| श्रेणी | पुरानी दर | नई दर |
|---|---|---|
| शहरी क्षेत्र (सामान्य मापी) | ₹1,000 प्रति खेसरा, अधिकतम ₹4,000 | ₹2,000 प्रति खेसरा, अधिकतम ₹8,000 |
| शहरी क्षेत्र (तत्काल मापी) | पूर्व दर से कम | ₹4,000 प्रति खेसरा, अधिकतम ₹16,000 |
| ग्रामीण क्षेत्र (सामान्य मापी) | ₹500 प्रति खेसरा, अधिकतम ₹1,000 | ₹1,000 प्रति खेसरा, अधिकतम ₹4,000 |
| ग्रामीण क्षेत्र (तत्काल मापी) | पूर्व दर से कम | ₹2,000 प्रति खेसरा, अधिकतम ₹8,000 |
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
राज्य सरकार ने मापी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और निर्धारित समय में मापी कार्य संपन्न हो सकेगा।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से भूमि मापी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा, हालांकि शुल्क वृद्धि का सीधा असर जमीन मालिकों और आवेदकों की जेब पर पड़ेगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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