Toll Tax on State Highway: अब बिहार में NH के तर्ज पर स्टेट हाईवे पर भी देना होगा टॉल टैक्स
कैबिनेट की मंजूरी के बाद नए नियम लागू होने का रास्ता साफ

Toll Tax on State Highway: बिहार में सड़क परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य सरकार के अधीन आने वाले स्टेट हाईवे (एसएच) पर भी नेशनल हाईवे (एनएच) की तर्ज पर टॉल टैक्स देना होगा। इसके लिए बिहार पथ कर नियमावली, 1979 के संबंधित प्रावधानों में संशोधन को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव सहित कुल 29 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार का उद्देश्य राज्य के राजमार्गों के बेहतर रखरखाव, उन्नयन और आधुनिक सड़क अवसंरचना के लिए संसाधन जुटाना है।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि अब स्टेट हाईवे पर टॉल संग्रह की व्यवस्था पूरी तरह नेशनल हाईवे की तर्ज पर विकसित की जाएगी। इसके तहत वाहनों से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से टॉल वसूला जाएगा और इसके लिए विभिन्न श्रेणी के वाहनों की अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।
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वाहनों की श्रेणी के अनुसार तय हुई टॉल दरें
नई व्यवस्था के तहत कार, जीप, वैन और अन्य हल्के निजी वाहनों से 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टॉल टैक्स लिया जाएगा।
- छोटे व्यवसायिक वाहनों से 2.00 रुपये प्रति किलोमीटर
- दो एक्सल वाले बस एवं ट्रक से 4.25 रुपये प्रति किलोमीटर
- पोकलेन, डंपर तथा बड़े निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले भारी वाहनों से 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर
- सात या उससे अधिक एक्सल वाले अत्यधिक बड़े वाहनों से 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टॉल टैक्स वसूला जाएगा।
फास्टैग से ही होगा भुगतान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि टॉल टैक्स की वसूली फास्टैग या सरकार द्वारा स्वीकृत अन्य इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली के माध्यम से ही की जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी और पारदर्शी एवं डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
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बिना फास्टैग वालों पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क
नई नियमावली में बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान किया गया है। वहीं निर्धारित सीमा से अधिक भार लेकर चलने वाले ओवरलोड वाहनों से भी अतिरिक्त टॉल वसूला जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और सड़कों को भारी क्षति पहुंचाने वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
रियायती पास और विशेष श्रेणियों को मिलेगी छूट
संशोधित नियमों में कुछ विशेष श्रेणी के वाहनों एवं पात्र उपयोगकर्ताओं को टॉल शुल्क में छूट देने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा नियमित रूप से यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए रियायती पास तथा मल्टीपल जर्नी (बहु-यात्रा) छूट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सड़कों के रखरखाव और विकास को मिलेगा बल
राज्य सरकार का मानना है कि स्टेट हाईवे पर टॉल व्यवस्था लागू होने से सड़क निर्माण, रखरखाव और विस्तार के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे राज्य के राजमार्गों की गुणवत्ता में सुधार होगा, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सड़क अवसंरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी आएगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब संशोधित नियमावली लागू होने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद राज्य के चयनित स्टेट हाईवे पर चरणबद्ध तरीके से नई टॉल व्यवस्था लागू की जाएगी।
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