Saran News Story: 18 साल बाद मिली अपनों की छांव, सेवा कुटीर ने रुला देने वाला मिलन कराया
सेवा कुटीर ने फिर जोड़ा बिछड़ा परिवार

छपरा। सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए सेवा कुटीर सारण ने एक बार फिर बिछड़े परिवार को मिलाने में सफलता हासिल की है। सेवा कुटीर में आवासित रोशन कुमार नामक लाभार्थी को लगभग 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उसके परिजनों से सफलतापूर्वक मिलाया गया। यह क्षण न सिर्फ रोशन और उसके परिवार के लिए, बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए भावनाओं से भरा रहा।
सेवा कुटीर में आवास के दौरान रोशन कुमार की पहचान, पृष्ठभूमि और उसके परिजनों की तलाश को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे थे। जिला प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा कोषांग और सेवा कुटीर के अधिकारियों व कर्मियों के समन्वित प्रयासों के बाद आखिरकार उसके परिजनों का पता लगाया जा सका। आवश्यक औपचारिकताओं के उपरांत आज यह बहुप्रतीक्षित पारिवारिक पुनर्मिलन संभव हो पाया।
अब जमीनी विवाद पर फैसला एक जैसा! अफसरों की मनमानी खत्म, आर्टिकल-14 का पालन जरूरी
अपने परिजन को इतने वर्षों बाद सामने पाकर परिवार की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने सेवा कुटीर सारण और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का अविस्मरणीय और अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने इस मानवीय प्रयास के लिए प्रशासन और सेवा कुटीर के सभी कर्मियों की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि सेवा कुटीर सारण निराश्रित, बेसहारा और भिक्षावृत्ति से जुड़े व्यक्तियों के संरक्षण, पुनर्वास और पारिवारिक पुनर्मिलन के लिए लगातार कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
Love Affairs: पति से बदला या इश्क का जुनून? मां ने अपने ही बेटे को दे दी मौत
इस अवसर पर सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग राहुल कुमार, गृह अधीक्षक राकेश रंजन सिंह, क्षेत्र समन्वयक अरुण कुमार, परामर्शदाता रजनीश कुमार सहित सेवा कुटीर के अन्य कर्मी मौजूद रहे। सभी ने इस सफल पुनर्मिलन को सामाजिक सरोकार और मानवता की जीत बताया।



